
2026 अखुरथ संकष्टी

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व्रत
अखुरथ संकष्टी का समय
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी शनिवार, दिसम्बर 26, 2026 को
संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 08:30 पी एम
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - दिसम्बर 26, 2026 को 08:04 पी एम बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त - दिसम्बर 27, 2026 को 05:12 पी एम बजे
2026 अखुरथ संकष्टी चतुर्थी
अमान्त हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह (पूर्णिमान्त पौष माह) की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को अखुरथ संकष्टी व्रत किया जाता है। अखुरथ संकष्टी के दिन भगवान गणेश के अखुरथा रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। अखु का अर्थ है मूषक तथा रथा का अर्थ है रथ वाला अर्थात् अखुरथा गणेश का अर्थ है मूषक के रथ वाले भगवान गणेश। भगवान गणेश का यह स्वरूप अत्यन्त अत्यन्त शुभ एवं मंगलकारी माना जाता है।
प्राचीन काल में वानरराज बालि द्वारा बन्धक बना लिये जाने की उपरान्त लङ्कापति रावण ने अपने नाना पुलस्त्य मुनि के कहने पर यह श्रेष्ठ व्रत किया था। इस व्रत के फलस्वरूप रावण बन्धन मुक्त हुआ था। द्वापरयुग में भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर धर्मराज युधिष्ठिर ने भी यह व्रत किया जिसके प्रभाव से उन्हें उनके राज्य की पुनः प्राप्ति हुयी थी।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
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