
ब्रेकअप के जिम्मेदार है कुछ ग्रह, जानिए कौन है खलनायक

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पूजा
ब्रेकअप के जिम्मेदार है कुछ ग्रह, जानिए कौन है खलनायक
क्या आप भी प्रेम में बेवफाई या बार-बार धोखा मिलने से परेशान हैं? रिश्ते बनते है और बिगड़ जाते हैं, तो हो सकता है आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति मजबूत ना हो। आपके ब्रेकअप के लिए कुछ ग्रह भी विशेष रूप से जिम्मेदार होते हैं। दरअसल, आपकी लाइफ में ग्रह-नक्षत्रों का काफी प्रभाव पड़ता है। एस्ट्रोलॉजी के नजरिए से देखें तो आपकी लव लाइफ ग्रहों, राशियों और नक्षत्रों के नेचर, दृष्टि, स्थिति और योग से काफी हद तक प्रभावित होती है। जन्म कुंडली में कुछ ग्रहों की कमजोर स्थिति के चलते व्यक्ति के जीवन में प्रेम की तमन्ना अधूरी रह सकती है।
आइए जानते हैं, प्यार में धोखा मिलने के लिए कौन-कौन से ग्रह जिम्मेदार हैं:-
ब्रेकअप के लिए कुंडली के कौन से ग्रह है जिम्मेदार
जन्म कुंडली के पंचम और सप्तम भाव यानी प्रेम व जीवनसाथी का भाव माना जाता है। यानी पांचवें भाव का स्वामी ग्रह यानी पंचमेश और सप्तम भाव का स्वामी ग्रह सप्तमेश के कमजोर होने पर अक्सर ही देखा जाता है कि प्रेम के मामले में सफलता नहीं मिलती है। यदि यह दोनों भाव कमजोर हो, तो आपका प्रेमी आपको धोखा दे सकता है और ऐसा कई बार हो सकता है। पंचमेश और सप्तमेश की स्थिति कमजोर होने पर या उन पर क्रूर ग्रहों की दृष्टि पड़ने पर भी आपके रिलेशनशिप में झगड़ा बढ़ सकता है और रिश्ते टूट भी सकते हैं। यहां तक कि कई बार पति-पत्नी में तलाक भी हो जाता है।
ऐसे देखें ब्रेकअप के जिम्मेदारों को
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब राहु, मंगल, सूर्य व शनि ग्रह अपनी नीच राशि में होते हैं और पंचम व सप्तम भाव या पंचमेश और सप्तमेश पर दृष्टि डालते हैं तब प्रेमियों के लिए हालात अच्छे नहीं रहते हैं और अक्सर ही ब्रेकअप हो जाता है।
इसके अलावा चंद्रमा के साथ राहु या केतु की युति के कारण भी लव लाइफ में प्रॉब्लम आती है।
चंद्रमा के कमजोर होने से लवर्स के बीच बात-बात पर लड़ाई होने लगती है और नौबत ब्रेकअप तक पहुंच जाती है।
महादशा में ब्रेकअप
- इसके अलावा राहु और केतु की महादशा के दौरान भी आपका रिलेशनशिप टूट सकता है। राहु और केतु की दशा में नकारात्मक विचार काफी हावी होते हैं। इन नकारात्मक विचारों के कारण ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु अलगाव कराने वाले ग्रह माने गए हैं।
- इन दोनों ही महादशाओं के समय व्यक्ति में धैर्य और सहनशीलता की कमी होती है और उसे रिश्ते में बंधने से डर लगता है।
- इन वजहों से लव लाइफ में अस्थिरता बढ़ती है और रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है।
- अधिकांश तलाक और ब्रेकअप राहु की महादशा के समय में होते देखे गए हैं।
- शनि की महादशा में भी कई बार रिश्तें संभल नहीं पाते हैं।
पंचमेश और सप्तमेश का प्रेम जीवन से संबंध
यदि कुंडली में पंचमेश और सप्तमेश दोनों छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हों तो अक्सर देखा गया है कि प्रेम संबंध असफल ही रहता है।
दरअसल, ऐसा होने पर प्रेमी-प्रेमिका के बीच बहसबाजी या वाद-विवाद शुरू हो जाते हैं जिनकी वजह से ब्रेकअप होता है।
वहीं, मंगल ग्रह के लग्न पर ज्यादा प्रभावी होने पर जातक मनमानी करने लगता है। इसके चलते वह अपने पार्टनर की फीलिंग का भी ख्याल नहीं रखता। इसके चलते रिश्ता खत्म होने की आशंका रहती है।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।