अष्टादशशक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादशशक्तिपीठ स्तोत्रम्

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लङ्कायां शाङ्करीदेवी कामाक्षी काञ्चिकापुरे ।
प्रद्युम्ने शृङ्खलादेवी चामुण्डी क्रौञ्चपट्‍टणे ॥ १ ॥

अलम्पुरे जोगुलाम्बा श्रीशैले भ्रमराम्बिका ।
कोल्हापुरे महालक्ष्मी मुहुर्ये एकवीरिका ॥ २ ॥ [माहुर्ये]

उज्जयिन्यां महाकाली पीठिक्यां पुरुहूतिका ।
ओढ्यायां गिरिजादेवी माणिक्या दक्षवाटके ॥ ३ ॥

हरिक्षेत्रे कामरूपा प्रयागे माधवेश्वरी ।
ज्वालायां वैष्णवीदेवी गया माङ्गल्यगौरिका ॥ ४ ॥

वाराणस्यां विशालाक्षी काश्मीरेषु सरस्वती ।
अष्टादश सुपीठानि योगिनामपि दुर्लभम् ॥ ५ ॥

सायङ्काले पठेन्नित्यं सर्वशत्रुविनाशनम् ।
सर्वरोगहरं दिव्यं सर्वसम्पत्करं शुभम् ॥ ६ ॥

इति अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् ।


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