चंद्रग्रहण 2025 का समय और तिथि
ग्रहण की अवधि और समय का विवरण नीचे दिया गया है:- चंद्रग्रहण प्रारंभ: 07 सितंबर 2025, रात 09:58 बजे
- चंद्रग्रहण समाप्त: 08 सितंबर 2025, रात 01:26 बजे
चंद्रग्रहण 2025 का सभी 12 राशियों पर प्रभाव
यह ग्रहण प्रत्येक राशि के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आएगा। आइए जानते हैं आपकी राशि पर इसका क्या असर होगा और उसके उपाय क्या हैं:1. मेष राशि (Aries)
ग्रहण आपके 11वें भाव में होगा, जिससे आय में बाधा आ सकती है। प्रोफेशनल क्षेत्र में दूरी महसूस होगी और दोस्तों से मनमुटाव संभव है। उपाय: पंचाक्षर शिव मंत्र का जाप करें।2. वृषभ राशि (Taurus)
दसवें भाव (करियर) में ग्रहण के प्रभाव से नौकरी में अस्थिरता महसूस हो सकती है। पर्सनल लाइफ की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। उपाय: 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का जाप करें।3. मिथुन राशि (Gemini)
नौवें भाव (धर्म और यात्रा) में बदलाव के कारण आध्यात्मिक सोच बदलेगी। यात्रा की योजनाओं में देरी या गुरु से मतभेद हो सकता है। उपाय: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।4. कर्क राशि (Cancer)
आठवें भाव में ग्रहण मानसिक और भावनात्मक बदलाव लाएगा। पार्टनरशिप, विरासत या टैक्स से जुड़े मुद्दों में सावधानी बरतें। उपाय: "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें।5. सिंह राशि (Leo)
सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में ग्रहण रिश्तों का असंतुलन सामने ला सकता है। बिजनेस पार्टनरशिप पर पुनर्विचार की आवश्यकता होगी। उपाय: "महामृत्युंजय मंत्र" का जाप करें।6. कन्या राशि (Virgo)
छठवें भाव (सेहत और शत्रु) में ग्रहण से पुराने झगड़े उभर सकते हैं। ऑफिस पॉलिटिक्स और सेहत का ध्यान रखें। सीधा टकराव टालें। उपाय: "ॐ हनुमते नमः" मंत्र का जाप करें।7. तुला राशि (Libra)
पांचवें भाव (प्रेम और निवेश) में ग्रहण से प्रेम जीवन में नया खुलासा हो सकता है। शेयर बाजार और जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह बचें। उपाय: "ॐ क्लीं कृष्णाय नमः" मंत्र का जाप करें।8. वृश्चिक राशि (Scorpio)
चौथे भाव (घर और माँ) में गोचर से पारिवारिक स्थिति में बदलाव और भावनात्मक अस्थिरता महसूस हो सकती है। मन बेचैन रहेगा। उपाय: "ॐ नमो नारायणाय" मंत्र का जाप करें।9. धनु राशि (Sagittarius)
तीसरे भाव (संचार और साहस) में ग्रहण के कारण बातचीत में गलतफहमी हो सकती है। ईमेल या कॉन्ट्रैक्ट्स को बहुत ध्यान से पढ़ें। उपाय: "ॐ सरस्वत्यै नमः" मंत्र का जाप करें।10. मकर राशि (Capricorn)
दूसरे भाव (वाणी और वित्त) में ग्रहण से आर्थिक अस्थिरता आ सकती है। कोई बड़ा खर्च या खरीदारी फिलहाल टाल दें। उपाय: "ॐ धन्वंतरये नमः" मंत्र का जाप करें।11. कुंभ राशि (Aquarius)
ग्रहण आपके लग्न भाव में होगा। यह व्यक्तित्व और जीवन की दिशा बदलने का समय है। करियर को लेकर उलझन हो सकती है, लेकिन यह व्यक्तिगत ग्रोथ का रास्ता खोलेगा। उपाय: "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।12. मीन राशि (Pisces)
बारहवें भाव में ग्रहण से खर्च बढ़ सकते हैं। यह समय ध्यान और मानसिक शांति पाने के लिए उत्तम है। आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उपाय: "ॐ शुक्राय नमः" मंत्र का जाप करें।विशेष नोट: ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और दान करने से इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।


