खतरनाक है राहु, जानिए कैसे पहचानें अपने खराब राहु को

खतरनाक है राहु, जानिए कैसे पहचानें अपने खराब राहु को

खतरनाक है राहु, जानिए कैसे पहचानें अपने खराब राहु को

ज्योतिष में राहु को एक छाया ग्रह माना गया है, जो भौतिकता, माया, भ्रम और अचानक घटने वाली घटनाओं से जुड़ा होता है। राहु का प्रभाव जीवन में अत्यंत गहरा और खतरनाक होता है। खराब राहु इंसान को पागलपन तक की स्थिति में पहुंचा देता है। वैसे, राहु कोई बुरा ग्रह नहीं, लेकिन जब यह भ्रम, लोभ और अज्ञान से जुड़ता है, तब इसका प्रभाव डरावना और जीवन को भटकाने वाला होता है। यदि आप राहु को सत्य, संयम और ध्यान के साथ नियंत्रित करें, तो वही राहु आपको गहराई, अनुसंधान, तकनीक और रहस्य के क्षेत्र में ऊँचाइयाँ भी दे सकता है। तो, चलिए समझते हैं कि जब राहु खराब हो जाए, तो उसकी पहचान कैसे कर सकते हैं और इसका आपके शरीर और मन पर क्या असर पड़ता है...राहु अशुभ फल कब और क्यों देता है? यदि राहु पाप ग्रहों (जैसे शनि, मंगल, केतु) के साथ हो या पाप भाव (6th, 8th, 12th) में स्थित हो, या फिर राहु यदि चंद्र, गुरु या शुक्र के साथ द्वेषभाव में हो या उन्हें पीड़ित कर रहा हो, या वो नीच राशि में या शत्रु राशि में हो (जैसे धनु, मीन आदि) या फिर राहु यदि लग्न या चंद्र से 2nd, 4th, 5th, 7th, या 8th भाव में हो और शुभ दृष्टि न हो, तो इन सारी स्थितियों में राहु अशुभ फल प्रदान करता है। राहु की दशा या अंतरदशा यदि अशुभ ग्रहों के साथ हो, तो अचानक दुर्घटनाएं, धोखा, व्यसन, अपमान, मानसिक भ्रम और अजीब व्यवहार देखने को मिलते हैं। जैसे राहु यदि चंद्रमा या लग्न पर गोचर कर रहा हो, तो भ्रम, मानसिक तनाव और निर्णयों में गलती हो सकती है। इन सबके अलावा आपकी कुछ आदतों से भी राहु की स्थिति खराब होती है। जिसकी, यदि आप अक्सर झूठ बोलते हैं, कर्ज के पैसे का इस्तेमाल करते हैं, शराब पीते हैं ,तामसिक भोजन करते हैं या लोगों को धोखा देते हैं। आपकी इन सारी आदतों से राहु अशुभ फल देने लगता है।

इन कामों से खराब हो जाता है राहु

खराब राहु का मानसिक और भावनात्मक स्तर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इसके कारण अकारण डर या भ्रम की स्थिति बनी रहती है। किसी भी तरह का फैसला लेने में उलझन महसूस होती है, व्यक्ति बार-बार गलत संगति में पड़ता है और अप्राकृतिक इच्छाएं या खराब आदतें जैसे नशा की आदत लग जाती है। राहु की अशुभ स्थिति से समाज या परिवार में बदनामी होती है, झूठ बोलने की आदत लग जाती है, दूसरों को भ्रमित करना और धोखेबाज़ी के आरोप लगते हैं, साथ ही अवैध संबंधों में फँसने का डर रहता है। अगर शारीरिक स्वास्थ्य की बात करें, तो राहु की ख़राब स्थिति से सिरदर्द, मानसिक रोग, फोड़े-फुंसी, त्वचा रोग, अचानक रोग या दुर्घटना, नींद में डरावने सपने या नींद न आना, आदत से अधिक शराब, धूम्रपान या अन्य व्यसनों में लिप्त होना जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सका है।

राहु महादशा के नकारात्मक प्रभाव

कई लोगों के लिए, राहु महादशा एक तूफानी दौर की तरह होती है, जिसमें कई बाधाएं आती हैं। राहु दशा के कुछ सामान्य बुरे प्रभाव इस प्रकार हैं:
  •  व्यक्ति अत्यधिक तनाव, चिंता, बेचैनी या भ्रम से पीड़ित हो सकता है। गंभीर मामलों में, यह अवसाद या हानिकारक विचारों का कारण भी बन सकता है।
  •  अचानक धन की हानि, बढ़ते कर्ज, अस्थिर आय या कानूनी मामले वित्तीय कष्ट का कारण बन सकते हैं।
  •  इस दौरान झगड़े, गलतफहमियां, परिवार से दूरी या यहां तक ​​कि प्रियजनों से अलगाव होना आम बात है।
 

राहु के उपाय

  • भगवान शिव का रोजाना जल अभिषेक करें।
  •  किसी जरूरतमंद को दो रंग का कंबल दान करें।
  •  भगवान भैरव और माता दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
  •  माता नील सरस्वती के स्तोत्र का पाठ करें।

लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

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