देवी षट्कम्

देवी षट्कम्

अम्ब शशिबिम्बवदने कम्बुग्रीवे कठोरकुचकुम्भे ।
अम्बरसमानमध्ये शम्बररिपुवैरिदेवि मां पाहि ॥ १ ॥

कुन्दमुकुलाग्रदन्तां कुङ्कुमपङ्केन लिप्तकुचभारां ।
आनीलनीलदेहामम्बामखिलाण्डनायकीं वन्दे ॥ २ ॥

सरिगमपधनिसतान्तां वीणासङ्क्रान्तचारुहस्तां ताम् ।
शान्तां मृदुलस्वान्तां कुचभरतान्तां नमामि शिवकान्ताम् ॥ ३ ॥

अरटतटघटिकजूटीताडिततालीकपालताटङ्कां ।
वीणावादनवेलाकम्पितशिरसं नमामि मातङ्गीम् ॥ ४ ॥

वीणारसानुषङ्गं विकचमदामोदमाधुरीभृङ्गम् ।
करुणापूरितरङ्गं कलये मातङ्गकन्यकापाङ्गम् ॥ ५ ॥

दयमानदीर्घनयनां देशिकरूपेण दर्शिताभ्युदयाम् ।
वामकुचनिहितवीणां वरदां सङ्गीत मातृकां वन्दे ॥ ६ ॥

माणिक्यवीणा मुपलालयन्तीं मदालसां मञ्जुलवाग्विलासाम् ।
माहेन्द्रनीलद्युतिकोमलाङ्गीं मातङ्गकन्यां मनसा स्मरामि ॥ ७ ॥

इति श्रीकालिकायां देवीषट्कम् ॥


लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

कैटेगरी

आपके लिए रिपोर्ट्स

    अनुशंसित पूजा

      Ask Question

      आपके लिए खरीदारी

      आपके लिए रिपोर्ट्स

      त्रिलोक ऐप में आपका स्वागत है!

      image