श्री ढुण्ढिराज भुजङ्ग प्रयात स्तोत्रम्

श्री ढुण्ढिराज भुजङ्ग प्रयात स्तोत्रम्

उमाङ्गोद्भवं दन्तिवक्त्रं गणेशं
भुजाकङ्कणैः शोभिनं धूम्रकेतुम् ।
गले हारमुक्तावलीशोभितं तं
नमो ज्ञानरूपं गणेशं नमस्ते ॥ १ ॥

गणेशं वदेत्तं स्मरेत् सर्वकार्ये
स्मरन् सन्मुखं ज्ञानदं सर्वसिद्धिम् ।
मनश्चिन्तितं कार्यमेवेषु सिद्ध्ये-
-न्नमो बुद्धिकान्तं गणेशं नमस्ते ॥ २ ॥

महासुन्दरं वक्त्रचिह्नं विराटं
चतुर्धाभुजं चैकदन्तैकवर्णम् ।
इदं देवरूपं गणं सिद्धिनाथं
नमो भालचन्द्रं गणेशं नमस्ते ॥ ३ ॥

ससिन्दूरसत्कुङ्कुमैस्तुल्यवर्णः
स्तुतैर्मोदकैः प्रीयते विघ्नराजः ।
महासङ्कटच्छेदकं धूम्रकेतुं
नमो गौरिपुत्रं गणेशं नमस्ते ॥ ४ ॥

यथा पातकच्छेदकं विष्णुनाम
तथा ध्यायतां शङ्करं पापनाशः ।
यथा पूजिते षण्मुखे शोकनाशो
नमो विघ्ननाशं गणेशं नमस्ते ॥ ५ ॥

सदा सर्वदा ध्यायतामेकदन्तं
सुसिन्दूरकं पूजितं रक्तपुष्पैः ।
सदा चर्चितं चन्दनैः कुङ्कुमाक्तं
नमो ज्ञानरूपं गणेशं नमस्ते ॥ ६ ॥

नमो गौरिकागर्भजापत्य तुभ्यं
नमो ज्ञानरूपिन्नमः सिद्धिकान्त ।
नमो ध्येयपूज्याय हे बुद्धिनाथ
सुरास्त्वां भजन्ते गणेशं नमस्ते ॥ ७ ॥

भुजङ्गप्रयातं पठेद्यस्तु भक्त्या
प्रभाते जपेन्नित्यमेकाग्रचित्तः ।
क्षयं यान्ति विघ्ना दिशः शोभयन्तं
नमो ज्ञानरूपं गणेशं नमस्ते ॥ ८ ॥

इति श्रीढुण्ढिराज भुजङ्ग प्रयात स्तोत्रम् ।


लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

कैटेगरी

आपके लिए रिपोर्ट्स

    अनुशंसित पूजा

      Ask Question

      आपके लिए खरीदारी

      आपके लिए रिपोर्ट्स

      त्रिलोक ऐप में आपका स्वागत है!

      image