
दीपावाली के 5 दिनों में ना करें ये काम, काम में होने लगेगी मुश्किल

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दीपावली के 5 दिनों में देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय और पूजा की जाती है। लेकिन इन उपायों के साथ ही कुछ सावधानियां भी रखनी जरूरी हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि दीपावली पर वर्जित काम किए जाते हैं, तो कई उपाय करने के बाद भी लक्ष्मी कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है।
दीपोत्सव के दौरान भूलकर भी न करें ये काम
आर्थिक तंगी से बचने और सुख-शांति बनाए रखने के लिए दीपावली के दौरान निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
1. सुबह देर तक सोना
शास्त्रों के अनुसार, दीपावली के दिनों में ब्रह्म मुहूर्त में ही उठ जाना चाहिए। जो लोग इन दिनों सूर्योदय के बाद तक सोते रहते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है।
2. माता-पिता और बुजुर्गों का अपमान
दीपावली पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान हो। जो लोग अपनों का अनादर करते हैं, उनके यहाँ दरिद्रता बनी रहती है। इस समय झूठ बोलने या किसी को धोखा देने से भी बचना चाहिए।
3. घर में गंदगी रखना
दीपावली पर घर का कोना-कोना एकदम साफ एवं स्वच्छ होना चाहिए। घर में किसी भी प्रकार की गंदगी या बदबू नहीं होनी चाहिए। घर को महकाने के लिए सुगंधित पदार्थों का उपयोग करना शुभ रहता है।
4. क्रोध और चिल्लाना
दीपावली पर क्रोध करना और जोर से चिल्लाना अशुभ माना जाता है। लक्ष्मी जी उसी घर में निवास करती हैं जहाँ शांत, सुखद एवं पवित्र वातावरण बना रहता है।
5. शाम के समय सोना
बीमार, वृद्ध या गर्भवती महिलाओं को छोड़कर, किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को दिन में या शाम के समय नहीं सोना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, बेवजह शाम को सोने वाले लोग निर्धन बने रहते हैं।
6. घर में वाद-विवाद या कलह
दीपावली के दौरान घर-परिवार के सदस्यों के बीच झगड़ा नहीं होना चाहिए। जिन घरों में क्लेश होता है, वहाँ देवी की कृपा नहीं होती। घर के साथ-साथ बाहर भी किसी से वाद-विवाद करने से बचें।
7. नशा और व्यसन
शास्त्रों के अनुसार, इन पवित्र दिनों में किसी भी प्रकार का नशा करना वर्जित है। नशे की हालत में घर की शांति भंग होती है और लक्ष्मी पूजा में बाधा आती है, जिससे व्यक्ति हमेशा दरिद्र बना रह सकता है।
निष्कर्ष
दीपावली केवल दीपों का ही नहीं, बल्कि आचरण की शुद्धता का भी पर्व है। यदि हम इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं और सात्विक जीवन जीते हैं, तो भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद हमारे जीवन में सदैव बना रहता है।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।