जानिए कैसे तय होता है किस पर सवार होकर आती हैं मां

जानिए कैसे तय होता है किस पर सवार होकर आती हैं मां

नवरात्रि से एक दिन पहले माँ दुर्गा का धरती पर आने के लिए आह्वान किया जाता है, जिसे ‘महालया’ कहते हैं। साल 2025 में महालया 21 सितंबर को है और उसके अगले दिन यानी 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि शुरू हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ दुर्गा जब पृथ्वी पर आती हैं, तो उनके आगमन और प्रस्थान का वाहन दिन के आधार पर तय होता है।

जानिए कैसे तय होता है माँ दुर्गा का वाहन?

माँ दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर पृथ्वी पर आएंगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नवरात्रि किस दिन से शुरू हो रही है। इसी प्रकार, उनके जाने का वाहन भी विसर्जन के दिन के आधार पर तय होता है।

नवरात्रि के पहले दिन के अनुसार माता की सवारी

  • हाथी: यदि नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू होती है, तो माँ हाथी पर आती हैं। यह अच्छी बारिश और खुशहाली का प्रतीक है।
  • घोड़ा: मंगलवार या शनिवार को नवरात्रि शुरू होने पर माँ घोड़े पर सवार होकर आती हैं, जो कष्टों में वृद्धि का संकेत माना जाता है।
  • डोली या पालकी: गुरुवार या शुक्रवार को नवरात्रि शुरू होने पर माँ डोली में आती हैं, जिससे महामारी और अशांति का खतरा बढ़ता है।
  • नौका (नाव): बुधवार को नवरात्रि शुरू होने पर माँ नौका पर सवार होकर आती हैं, जो सर्वसिद्धि और मनोकामना पूर्ति का प्रतीक है।

माता के आगमन और प्रस्थान का देश-दुनिया पर प्रभाव

शास्त्रों के अनुसार, माता की सवारी केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह भविष्य के शुभ-अशुभ संकेतों को भी दर्शाती है:
  • हाथी पर आगमन/प्रस्थान: बहुत शुभ! देश में अच्छी फसलें होती हैं और धन-धान्य की प्रचुरता रहती है।
  • घोड़े पर आगमन/प्रस्थान: यह युद्ध की आशंका और कष्टों में वृद्धि का संकेत है।
  • डोली पर आगमन/प्रस्थान: यह दुनिया में बीमारी, आंदोलन और अराजकता का माहौल बनने का सूचक है।
  • नौका पर आगमन/प्रस्थान: यह सुख-समृद्धि और मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद है।

2025 में माँ की सवारी: हाथी पर होगा आगमन

नवरात्रि 2025 सोमवार (22 सितंबर) से शुरू हो रही है, इसलिए इस साल माता दुर्गा की सवारी हाथी होगी। हाथी शक्ति, सामर्थ्य और ज्ञान का प्रतीक है। हाथी पर माता का आगमन यह दर्शाता है कि आने वाला समय खुशहाली और आर्थिक मजबूती लेकर आएगा।

माँ दुर्गा को प्रसन्न करने के 10 प्रभावी उपाय

नवरात्रि के पावन पर्व पर देवी माँ की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए आप निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं:
  1. प्रतिदिन सुबह-शाम माँ दुर्गा की पूजा करें और शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  2. संभव हो तो नवरात्रि के नौ दिनों तक उपवास (Vrat) रखें।
  3. घर के मंदिर में नौ दिनों तक अखंड ज्योति प्रज्वलित करें।
  4. रोजाना 'नवार्ण मंत्र' या बीज मंत्र "ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नम:" का कम से कम एक माला जाप करें।
  5. पूजा के समय हमेशा लाल रंग के आसन का प्रयोग करें।
  6. माता रानी को गुड़हल या लाल रंग के फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है।
  7. प्रतिदिन सुबह माँ दुर्गा को शहद मिलाकर दूध का भोग लगाएं।
  8. अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करें और उन्हें सात्विक भोजन कराएं।
  9. शुक्रवार को कन्याओं को उनकी जरूरत की वस्तुएं दान करें।
  10. हर पूजा के बाद माँ दुर्गा की आरती प्रेमपूर्वक अवश्य करें।

सारांश: 2025 की नवरात्रि खुशहाली का संकेत दे रही है। माता का हाथी पर आगमन हमें शक्ति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करेगा।

लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

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