
शनि के दुष्प्रभाव दूर करने के आसान है कुछ महाउपाय

1249

ज्योतिष
शनि के दुष्प्रभाव दूर करने के आसान है कुछ महाउपाय
शनि का नाम आते ही लोग डर जाते हैं। अक्सर शनि को पूरी तरह से नकारात्मक ग्रह मान लिया गया है, लेकिन शनि कर्म का ग्रह है। ज्योतिष में शनि को न्यायाधीश कहा जाता है। शनि किसी भी व्यक्ति को उसकी मेहनत के विपरित फल नहीं देते हैं। वे व्यक्ति को परखकर सोने की तरह चमका देते हैं। कुंडली में यदि शनि अच्छे हों, तो सभी तरह के शुभ परिणाम मिलते हैं। व्यक्ति जल्दी-जल्दी उन्नति करता है और अपने जवाबदारी के प्रति सजग होता है। वहीं यदि कुंडली में शनि अच्छे नहीं हो, तो व्यक्ति को जबरदस्त मेहनत करवाता है। कई बार ऐसे व्यक्ति को 100 प्रतिशत मेहनत करने पर भी 50 प्रतिशत फल प्राप्त होते हैं।
क्या शनि के दुष्प्रभाव को दूर किया जा सकता है?
इस प्रश्न का जवाब सरल है। शनि के दुष्प्रभाव को निश्चिततौर पर दूर किया जा सकता है। यदि शनि से अच्छे परिणाम मिलने लग जाते हैं, तो व्यक्ति को सभी कार्यों में सफलता मिलने लग जाती है। हालांकि शनि से अच्छे परिणाम की आशा रखना उतना आसान भी नहीं है। जानते हैं शनि सकारात्मक कैसे हैं -
शनि के सकारात्मक प्रभाव
शनि जीवन को आगे बढ़ाने का काम करते हैं, लेकिन यह समय और मेहनत दोनों मांगते हैं। शनि एक मार्गदर्शक की तरह काम करते हैं। शनि को न्यायाधीश ही इसीलिए कहा जाता है कि वह आपको कहीं से भी उदास नहीं होने देते हैं। आपकी जितनी मेहनत होती है, उतना ही लाभ आपको मिलता है।
शनि के नकारात्मक प्रभाव
अक्सर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा में शनि के विपरित परिणाम दिखते हैं, लेकिन यह तभी होता है, जब आप वास्तविकता से हटकर कल्पना में ज्यादा जीवन बिताते हैं। यानी आप केवल हवाई किले बनाएं और कम मेहनत करें, तो आपको अपने काम में सफलता नहीं मिल सकती है।
शनि को शुभ कैसे बनाएं
यदि आपको शनि की महादशा, साढ़ेसाती या शनि के गोचर के कारण अचानक से आपको अपने कार्यों में नकारात्मक फल मिलने लग गए हैं, तो आपको ध्यान देने की जरूरत है। आपको अपनी मेहनत को बढ़ाना होगा। नई स्किल सीखना होगी। इसके अलावा कुछ ऐसी चीजें जो आपको करना चाहिए।
- जरूरतमंदों की मदद- दरअसल शनि कर्म के देवता है और यदि आप कर्म में विश्वास रखते हैं, तो आप इसे बेहतर समझेंगे। यदि आप जरूरतमंदों की मदद करते हैं, तो जरूरत के समय आपको भी मदद मिलेगी।
- लोगों का सम्मान करें- शनि आपको लोगों से अच्छा व्यवहार करना सिखाता है। यदि आप लोगों से बुरा व्यवहार करेंगे, तो नेगेटिविटी आप पर हावी होगी और आपको अपने कार्यों में अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे। अक्सर लोग अपने नौकरों और साथ काम करने वाले लोगों के साथ बुरा व्यवहार करते हैं। इससे शनि खराब होता है। आपको अच्छा व्यवहार करके लोगों से आशीर्वाद लेना चाहिए।
- अव्यवस्थित ना रहें - आपको पूरी तरह से जवाबदार होना होगा। शनि आपको जवाबदारी से रहना सिखाता है। यदि आपने काम को इमानदारी से पूरा नहीं करते हैं, तो शनि की दशा, अंतरदशा, गोचर, साढ़ेसाती आपको परेशान कर सकती है। आपको अपने जीवन में अनुशासन लाना होगा।
- बुजुर्गों का आशीर्वाद लें- दरअसल शनि अनुभव की बात करते हैं। आप यदि बुजुर्गों के पास जाते हैं, उनसे बात करते हैं। उनके अनुभवों से सीखकर अपने काम करते हैं, तो सफलता आपको मिलती ही है। शनि आप बुजुर्गों के पास बैठें, उनसे बात करें और उनका आशीर्वाद लें।
- कौओं को खाना दें- पौराणिक कथाओं के अनुसार कौए को शनिदेव का वाहन माना जाता है। यदि आप कौए को खाना खिलाते हैं, तो आपको शनिदेव आप पर प्रसन्न होंगे। यहां एक और बात समझना चाहिए कि श्राद्ध में भी कौए को भोजन देने की परंपरा है। कौए को भोजन देने से पितृ भी प्रसन्न होते हैं। यह आपको अपने पूर्वजों के समीप रखता है।
- चींटीयों को आंटा दें- एक ज्योतिषीय उपाय के अनुसार चींटीयों को आटा देने से भी शनिदेव के शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। दरअसल चींटी को सबसे मेहनत जीव माना जाता है। जब आप चींटी को आटा देते हैं, तो वह उसे इकट्ठा करके आने वाले भविष्य के लिए भी सुरक्षित रखती है। बस आपको भी यहां इसी सीख की जरूरत है कि अभी यदि आपके अच्छे दिन हैं, तो आपको अपने लिए बचत जरूर करना चाहिए। इसके अलावा शनिपूजा में भी भाग ले सकते हैं।
शनिदेव के मंत्र का भी जाप करें
- ॐ प्रां प्रीं प्रों सः शनैश्चराय नमः
- ॐ शनिश्चराय नमः
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।