
2026 गजानन संकष्टी

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व्रत
गजानन संकष्टी का समय
गजानन संकष्टी चतुर्थी रविवार, अगस्त 2, 2026 को
संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 09:26 पी एम
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - अगस्त 01, 2026 को 11:07 पी एम बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त - अगस्त 02, 2026 को 11:15 पी एम बजे
2026 गजानन संकष्टी चतुर्थी
अमान्त हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार, आषाढ़ माह (पूर्णिमान्त श्रावण माह) की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गजानन संकष्टी के रूप में मनाया जाता है। गजानन संकष्टी के पावन अवसर पर भगवान गणेश के गजानन स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती है। भगवान गजानन, धर्मग्रन्थों में वर्णित भगवान गणेश के अष्टविनायक स्वरूपों में से एक हैं। गज का अर्थ होता है हाथी तथा आनन का तात्पर्य मुख से है, अतः गजाजन का अर्थ 'गज के मुख वाले' है। इस दिन गणेश जी का पूजन करने से समस्त कामनाओं की पूर्ति होती है तथा व्यक्ति महान शासकों एवं पदाधिकारियों को भी वशीभूत कर सकता है।
मुद्गलपुराण में वर्णित भगवान गजानन के प्राकट्य की कथानुसार प्राचीन समय में लोभासुर नामक दैत्य के पापकर्मों के कारण पृथ्वीलोक पर हाहाकार होने लगा। तदुपरान्त देवताओं द्वारा विधिवत् आराधना करने पर भगवान गणेश गजानन रूप में प्रकट हुये थे। भगवान गजानन ने लोभासुर को परास्त कर भूलोक को उसकी प्रताड़नाओं से मुक्त किया था।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
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