चैत्र नवरात्रि के पहले दिन करें माता शैलपुत्री की पूजा

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन करें माता शैलपुत्री की पूजा

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन करें माता शैलपुत्री की पूजा

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार वे पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं, इसलिए उनका नाम शैलपुत्री पड़ा है। माता के इस स्वरूप में भगवती पार्वती के उस स्वरूप का वर्णन है, जब मां भगवान शिव को पाने के लिए के कठिन तप कर रही थी। माता शैलपुत्री दृढ़ प्रतीज्ञ थी, इसलिए माता शैलपुत्री की आराधना से जीवन में दृढ़ता आती है और सभी कार्यों में मन लगता है। माता की प्रसन्नता के लिए उनके ध्यान मंत्र का जाप बहुत ही प्रभावकारी माना गया है। इस जाप से प्रसन्न माता समस्त कार्यों में सिद्धि देती है। नवरात्रि के पहले दिन मां की पूजा से सभी तरह की मनोकामना पूरी होती है।   64 Yogini Mahakali Tnatrik Puja  

मां शैलपुत्री की पूजा विधि

माता शैलपुत्री की पूजा से पहले मां की चौकी स्थापित करनी चाहिए। मां की फोटो उस चौकी पर स्थापित करें। फोटो के समीप घी का दीया प्रज्वलित करें। मां के ध्यान मंत्र का जाप करें। इस दौरान दुर्गा सप्तशती के दिव्यमंत्रों का जाप भी किया जा सकता है। मां को हलवे और मौसमी फलों का भोग लगाएं।

मां शैलपुत्री का ध्यान मंत्र

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

माता शैलपुत्री पूजा का मंत्र

ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥ या देवी सर्वभू‍तेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मां शैलपुत्री का स्तोत्र

प्रथम दुर्गा त्वंहि भवसागरः तारणीम्। धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥ त्रिलोजननी त्वंहि परमानन्द प्रदीयमान्। सौभाग्यरोग्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥ चराचरेश्वरी त्वंहि महामोह विनाशिनीं। मुक्ति भुक्ति दायिनीं शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥

मां शैलपुत्री पूजा के लाभ

- यदि कुंडली में चंद्रमा से संबंधित कोई दोष हो, तो माता शैलपुत्री की पूजा से काफी राहत मिलती है। - मां की कृपा से आपके कार्यों में आने वाली बाधा दूर होती है। - नकारात्मक ऊर्जा दूर रखती है। - कॅरियर और व्यवसाय में लाभ मिलता है। - मां को मूलाधार चक्र से भी जोड़ा जाता है। मां की कृपा से मूलाधार चक्र की बैलेंसिंग होती है।

माता शैलपुत्री पूजा के भोग

माता शैलपुत्री की पूजा में लाल रंग का उपयोग करना चाहिए। माता को लाल कनेर के फूल अर्पण करना चाहिए। साथ ही माता को फलों का भोग अर्पण किया जा सकता है।   Marraige Report 2025

लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

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