
1241
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य आत्मा , इच्छाशक्ति, अधिकार, नेतृत्व गुण, पिता या पिता के तुल्य, और सरकार या उच्च पदों का प्रतिनिधित्व करता है। यदि कुंडली में सूर्य मजबूत हों, तो व्यक्ति आत्मविश्वासी और अच्छा लीडर होता है। वहीं यदि कुंडली में सूर्य कमजोर हों, तो व्यक्ति को जीवन में कई तरह की मुश्किलें आ सकती है। कुंडली में सूर्य की स्थिति कई चीजों पर असर करती हैं। जानते हैं इनमें से कुछ बातें -
आपका व्यक्तित्व- सूर्य कुंडली में यदि मजबूत होकर बैठा है, तो आपका व्यक्तित्व आकर्षण से भरा होगा। कई लोग आपको फॉलो करेंगे।
आपका स्वास्थ्य - कुंडली में अशुभ सूर्य के कारण अक्सर आपको स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें रहेंगी। यदि यह सूर्य शुभ होगा, तो आपके लिए काफी अच्छा समय रहेगा।
आपका करियर- यदि कुंडली में सूर्य मजबूत है, तो आप किसी अच्छे पद पर नौकरी कर सकते हैं।
आपकी प्रसिद्धि- कुंडली में मजबूत सूर्य आपको आपकी फील्ड में काफी मजबूती देता है, साथ ही आपकी प्रसिद्धि के योग भी बनते हैं।
पिता से संबंध - ज्योतिष में सूर्य को पिता का कारक माना जाता है। मजबूत सूर्य पिता से आपके रिलेशनशिप को मजबूत करता है।
आध्यात्मिक प्रभाव - कुंडली में सूर्य यदि मजबूत होता है, तो आपके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।
इस तरह सूर्य का संबंध जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में होता है। यदि सूर्य मजबूत है, जो जीवन में कई काम अच्छे होते हैं। यदि सूर्य खराब है, तो बहुत मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती है।
पहले भाव में - पहले भाव में सूर्य आपके आत्मविश्वास का बढ़ाता है। आप उदार होंगे। आपके चेहरे पर तेज होगा। सरकारी क्षेत्र में आपको सफलता मिलेगी। यदि सूर्य आपकी कुंडली में कमजोर हुए, तो आपको आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। आंखों से संबंधित कोई रोग हो सकता है।
दूसरे भाव में - सूर्य की यहां की स्थिति आपके परिवार से आपके संबंधों को मजबूत करती है। सामाजिक क्षेत्र में भी आपकी अच्छी पकड़ होगी। लेकिन यदि इस भाव के सूर्य खराब हों, तो आपको मुंह और चेहरे के रोग हो सकते हैं।
तीसरे भाव में- इस भाव में सूर्य अच्छे होंगे तो आपके भाई बहनों से अच्छे संबंध होंगे। आप विश्वास से आगे बढ़ेंगे और काम करेंगे। इस जगह पर खराब सूर्य आपके कैरेक्टर में दोष उत्पन्न कर सकता है।
चौथे भाव में - इस भाव में सूर्य आपको समृद्धशाली बनाते हैं। यदि सूर्य अच्छा है, तो आपके जीवन सरकारी नौकरी या किसी सरकारी प्रोजेक्ट में काम दिलाते हैं। सूर्य के खराब होने पर जमीन-जायदाद के काम में नुकसान हो सकता है।
पांचवें भाव में- इस भाव में अच्छा सूर्य आपको पढ़ाई में आगे रखता है। आपकी आय अच्छी होती है, लेकिन रिलेशनशिप के मामले में आपको हमेशा ही कुछ ना कुछ समस्या रहेगी।
छठे भाव में - इस भाव में सूर्य आपको रोग, शोक और दुख से दूर रखता है। आपकी कई परेशानी दूर हो जाती है। इस भाव का सूर्य शत्रुओं पर आपकी जीत दिलाता है। वहीं छठे भाव में सूर्य आपके जीवन उधार लेने या देने की समस्या को दूर कर देता है।
सातवें भाव में- सातवें भाव का सूर्य आपके जीवनसाथी के साथ तनाव दे सकता है। यहां का सूर्य आपको आत्मविश्वासी तो बनाता है, लेकिन कई जगह पर मतभेद भी दे देता है।
आठवें भाव में- इस भाव का सूर्य आपको ऑकल्ट साइंस में इंट्रेस्ट देता है। हालांकि यहां सूर्य होने से आपके ससुराल पक्ष से आपके संबंध खराब हो सकते हैं। अष्टम भाव के सूर्य वाले जातक इलेक्ट्रिक सामानों का उपयोग ध्यान से करें।
नवें भाव में- इस भाव में सूर्य आपके पिता से आपके संबंधों को मजबूत करता है। अच्छा सूर्य आपके सोए भाग्य को जगाता है। आप यात्रा करते हैं और धर्म कर्म के काम भी रुचि लेने लगते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में आपको सफलता मिलती है।
दसवें भाव में- यहां पर अच्छा सूर्य आपको सरकारी क्षेत्र में सफलता दिलाता है। आप अच्छे नेतृत्वकर्ता होंगे। इस भाव में नकारात्मक सूर्य आपकी नौकरी और व्यवसाय के लिए चैलेंजिंग समय देता है।
ग्यारहवें भाव में - 11वें भाव में सूर्य आपके जीवन को कई तरह की सफलाएं देता है। आपको सामाजिक क्षेत्र में सफलता मिलती है और आय बढ़ती रहती है। हालांकि यहां बैठा सूर्य आपके प्रेम जीवन में असफलता भी दे सकता है।
बारहवें भाव में- इस भाव में सूर्य आपको विदेश से जुड़े कामों में सफलता देता है। रसाय, फार्मास्युटिकल जैसे बिजनेस आपके लिए लाभकारी हो सकते हैं। यहां खराब सूर्य आपको जेल ही हवा भी खिला सकता है। खर्च अधिक रहेंगे।
