
गुरु की उलटी चाल से बदलेगी कई राशियों की किस्मत

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ज्योतिष
गुरु की उलटी चाल से बदलेगी कई राशियों की किस्मत
देवगुरु बृहस्पति अब उल्टी चाल चल रहे हैं। साल 2026 की शुरुआत में भी वे उलटी चाल चलते हुए मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। वक्री चाल चलते हुए ही गुरु अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेंगे। उच्च राशि कर्क में वक्री चाल चलने वाले हैं। हर ग्रह एक निश्चित अवधि में राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते हैं। इस दौरान उनकी अस्त और उदय होते हैं और उनकी चाल भी बदलती है। इस क्रम में गुरु से वक्री चाल चलेंगे। गुरु की हर चाल का जातकों पर खास प्रभाव देखने को मिलता है।

ऐसे में गुरु की वक्री चाल का भी प्रभाव देखने को मिलेगा। गुरु के वक्री गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलता है। गुरु अभी अपनी उच्च राशि में वक्री चाल चलने वाले हैं। ऐसे में इसका कुछ राशियों पर अच्छा प्रभाव देखने को मिलेगा. हालांकि, सभी राशियों पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
120 दिनों तक गुरु रहेंगे वक्री
देवगुरु बृहस्पति नवंबर 2025 से वक्री चाल शुरू कर रहे हैं। करीब चार महीनों वक्री स्थिति में रहने के बाद वे 11 मार्च 2026 यानी बुधवार की सुबह 08.58 बजे बृहस्पति मार्गी हो जाएंगे। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। गुरु और चंद्रमा का यह संयोग विभिन्न राशि वाले जातकों के लिए शुभ साबित होगा।
वक्री गुरु के सकारात्मक प्रभाव
- चूंकि गुरु अपनी उच्च की राशि कर्क में वक्री हो रहे हैं, ऐसे में कुछ राशियों खासकर वृषभ, कन्या और मकर को अच्छे परिणाम मिलेंगे।
- इस दौरान कुछ राशियों के लोगों को नए दोस्त मिल सकते हैं और दोस्तों का सहयोग भी मिल सकता है।
- नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा। कोई नया मौका मिल सकता है।
- सिंगल लोगों को कोई पार्टनर मिल सकता है।
- गुरु के प्रभाव से आपकी ज्ञान क्षमता में वृद्धि होगी, जिसका प्रभाव आपकी निर्णय क्षमता पर देखने को मिलेगा।
- पारिवारिक स्थिति बेहतर होगी और रिश्ते मजबूत बनेंगे।
- गुरु की इस चाल का प्रभाव आपके कार्यों पर देखने को मिलेगा, आपके लंबित कार्य भी पूरे हो सकते हैं।
वक्री गुरु के नकारात्मक प्रभाव
- गुरु की वक्री चाल का प्रभाव आपका सेहत पर देखने को मिलेगा, ग्रह के कमजोर होने की स्थिति में आपको ब्लड प्रेशर आदि समस्या हो सकती है।
- सेहत से जुड़े मामलों पर खर्च हो सकता है।
- इस दौरान आपको किसी मामले को लेकर निर्णय लेने में भी समस्या हो सकती है।
- कुछ मामलों में विलंब का सामना करना पड़ सकता है।
- पैतृक संपत्ति से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
गुरु के उपाय
- गुरु की वक्री स्थिति में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए गुरु के मंत्र का जाम करना आपके लिए बेहतर रहेगा।
- गुरुवार का व्रत रखने से भी आपको लाभ होगा।
- भगवान विष्णु की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।