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ज्योतिष
बृहस्पति यानी गुरु अक्टूबर से टेढ़ी चाल चलेंगे। 9 अक्टूबर 2024 से गुरु वक्री होंगे। अभी गुरु वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। गुरु वृषभ राशि में ही वक्री होंगे। गोचर में किसी भी ग्रह का वक्री होना प्रत्येक राशि के लिए कुछ विशेष प्रभाव डालता है। ग्रह जब टेढ़ी चाल चलता है, तो इसका असर सभी पर होता है। अक्सर उलटी चाल चलने वाले ग्रह से नकारात्मक परिणाम देने की आशंका बनी रहती है,
बृहस्पति वक्री : 09 अक्टूबर 2024, बुधवार को दोपहर 12:33 बजे
बृहस्पति मार्गी : 04 फरवरी 2025, मंगलवार को दोपहर 03:09 बजे
गुरु की वक्री काल अवधि: 119 दिन
वैदिक ज्योतिष के अनुसार गुरु यदि कुंडली में बली हो, तो व्यक्ति धन, समृद्धि, संतान और सुख से परिपूर्ण रहता है। गुरु यदि कुंडली मजबूती रखता है, तो व्यक्ति को प्रचूरता में सबकुछ मिल जाता है। व्यक्ति का झुकाव आध्यात्म की ओर होता है और उसे ईश्वर कृपा भी प्राप्त होती है। हालांकि मजबूत गुरु मोटापे का रोग देता है और व्यक्ति कभी भी चाहकर भी खाने-पीने पर कंट्रोल नहीं कर पाता है।
गुरु यदि कुंडली में कमजोर हो, तो व्यक्ति की शिक्षा सबसे पहले बाधित होती है। कई बार व्यक्ति धार्मिक कार्यों को भी आडंबर कहने लग जाता है। ऐसे व्यक्ति को पेट संबंधी रोग होते हैं। अक्सर विवाह संबंधी समस्याएं भी आने लगती है। व्यक्ति काम को लेकर भी सीरियस नहीं होता है।
- मेष राशि के लिए गुरु दूसरे भाव में वक्री होंगे। यह समय आपके बेहिसाब खर्चों को बताएगा। व्यक्ति को धन संचय में दिक्कत आ सकती है।
- वृषभ राशि के लिए गुरु पहले भाव में वक्री होंगे। यहां व्यक्ति को सम्मान प्राप्त होगा। हालांकि आपको अपने वजन को नियंत्रण में रखने में का प्रयास करना चाहिए।
- मिथुन राशि के लिए गुरु 12वें भाव में वक्री होंगे। इस समय आप कई धार्मिक जगहों पर पैसा खर्च कर सकते हैं। कुछ विरोधी भी आपके परेशान कर सकते हैं।
- कर्क राशि के लिए गुरु 11 वें भाव में वक्री होंगे। यह समय आपकी आय बढ़ाने वाला रहेगा। आपको कई जगह से प्रशंसा भी मिलेगी।
- सिंह राशि के लिए गुरु दसवें भाव में वक्री होंगे। इस भाव में वक्री गुरु कभी कभी कार्यस्थल पर गैर जिम्मेदार हो सकता है। हालांकि कार्यक्षेत्र में उन्नति मिलती है।
- कन्या राशि के लिए गुरु नवें भाव में वक्री होंगे। इस समय आप किसी तीर्थ यात्रा पर जाने का कार्यक्रम भी बना सकते हैं।
- तुला राशि के लिए गुरु आठवें भाव में वक्री होंगे। इस समय पैतृक संपत्ति से संबंधित कोई परेशानी दूर होगी। आपका ध्यान ज्योतिष और आध्यात्म में बढ़ेगा।
- वृश्चिक राशि के लिए गुरु सातवें भाव में वक्री होंगे। इस भाव में वक्री होने के कारण जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ सकता है। हालांकि ये मतभेद आसानी से सुलझ जाएंगे।
- धनु राशि के लिए गुरु छठे भाव में वक्री होंगे। इस दौरान आप विरोधियों पर भारी पड़ेंगे और किसी नई जॉब के लिए भी कोशिश कर सकते हैं।
- मकर राशि के लिए गुरु पांचवें भाव में वक्री होंगे। इस दौरान संतान संबंधी कोई परेशानी आपको हो सकती है। वहीं प्रेम जीवन में भी आपको कुछ तनाव हो सकता है। आय के लिए यह गोचर अच्छा रहेगा।
- कुंभ राशि के लिए गुरु चौथे भाव में वक्री होंगे। आपके लिए यह समय साधारण रहेगा। इस दौरान आपकी माता से आपके संबंध काफी अच्छे रहेंगे और उनका आपको सपोर्ट भी मिलेगा।
- मीन राशि के लिए गुरु तीसरे भाव में वक्री होंगे। इस दौरान भाई बहनों के साथ आपके संबंधों में कुछ खटास आ सकती है, लेकिन आप इन मतभेदों को बढ़ने ना दें।
