
कार्तिक पूर्णिमा पर किस राशि के लोग क्या करें ?

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ज्योतिष
कार्तिक पूर्णिमा पर किस राशि के लोग क्या करें ?
सभी पूर्णिमाओं में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। कार्तिक महीने को भगवान विष्णु का प्रिय महीना कहा जाता है। इस महीने की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु नींद से जागते हैं। वहीं कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान शिव की भी विशेष पूजा का महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था और देवताओं ने भगवान शिव के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए काशी में दिवाली मनाई थी। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से व्यक्ति आर्थिक लाभ, उन्नति और आरोग्यता प्राप्त कर सकता है। हम आपको बता रहे हैं राशि के अनुसार कुछ ऐसे उपाय जो आप इस कार्तिक पूर्णिमा पर करके अपने जीवन को सुख, ऐश्वर्य और लाभ से भर सकते हैँ।
मेष
यदि आपकी राशि मेष है, तो आपको भगवान शिव के मंदिर में तिल के तेल का दीपक सूर्यास्त के बाद लगाना चाहिए। साथ ही लक्ष्मीनारायण मंदिर में ध्वजा अर्पण करना चाहिए। इससे आपको यश और धन की प्राप्ति होगी। आप पंचाक्षर मंत्र का भी जाप कर सकते हैं।
वृषभ
यदि आपकी राशि वृषभ है, तो आपको भगवान शिव को सफेद वस्त्र अर्पण करना चाहिए। इस दौरान तुलसी के समझ 5 दीपक प्रज्वलित कर सकते हैं। इसके अलावा आपको श्रीसुक्त का पाठ करने से काफी फायदा होगा। इससे अचानक धन लाभ के रास्ते बनेंगे।
मिथुन
मिथुन राशि के जातकों को पूर्णिमा के दिन तुलसी अर्चन से श्री विष्णु की पूजा करना चाहिए। साथ ही महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान कृष्ण से जुड़े मंत्रों का जाप करना चाहिए। इसे नौकरी और व्यापार से जुड़ी समस्याएं दूर होगी।
कर्क
कर्क राशि के लोगों को पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को दूध का अर्घ्य देने से मन भटकाव की स्थिति दूर होगी। इस दिन आप शाम में गरीब बच्चों को खीर बांटकर काफी लाभ कमा सकते हैं। इससे धन संबंधित आपकी परेशानी जीवन से दूर हो जाएगी।
सिंह
सिंह राशि के लोगों को पूर्णिमा के दिन गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इस दिन कम से कम तीन माला गायत्री मंत्र जाप के साथ महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना आपको स्वास्थ्य लाभ देगा। इससे आने वाले दिनों में आपको काम करने की नई ऊर्जा मिलेगी।
कन्या
कन्या राशि के लोगों के लिए कार्तिक पूर्णिमा पर आपको धन लाभ प्राप्त करने के लिए भगवान गणेश के अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा आपको शाम के समय भगवान शिव के मंदिर में दीपदान करना चाहिए। यह दीपदान आप पांच की संख्या में करें।
तुला
कार्तिक पूर्णिमा पर तुला राशि के लोगों के पुरुष सुक्त और श्री सुक्त का पाठ करना चाहिए। यदि आप स्वयं इस पाठ को करने में असमर्थ हैं, तो आप इसे सुन भी सकते हैं या किसी विशेषज्ञ से करवा भी सकते हैं। ये उपाय आपके जीवन से कई समस्याओं को दूर कर देगा।
वृश्चिक
वृश्चिक राशि के लोगों को कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान शिव की विशेष पूजा करनी चाहिए। आप रुद्राभिषेक पाठ करके अपने आपको स्वस्थ बना सकते हैं। यह पाठ आपके विचारों को शुद्ध करेगा और आपके लिए आने वाले दिनों में सौभाग्य को खोल देगा।
धनु
धनु राशि के लोगों को कार्तिक पूर्णिमा पर सत्यनारायण भगवान की कथा करवाना चाहिए। यह उपाय आपकी मनोकामना पूरी करेगा और आपके लिए कई अच्छे अवसर लेकर आएगा। इस दौरान आप जरूरतमंद लोगों को केसर की मिठाई भी बांटें।
मकर
मकर राशि के लोगों को कार्तिक पूर्णिमा पर कम से कम आठ दीपदान भगवान शिव के मंदिर में जरूर करना चाहिए। इस दीपदान से आपको चल रही शनि की साढ़ेसाती का दुष्प्रभाव भी कम होगा और आय के नए साधन बनेंगे।
कुंभ
कुंभ राशि के लोगों को कार्तिक पूर्णिमा पर शिव मंदिर में दीपदान करने के साथ महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 1100 बार पाठ करना चाहिए। इससे आपके जीवन में चल रही समस्याओं में कमी आएगी और भगवान शिव की कृपा से समस्त कार्यों की सिद्धि होगी।
मीन
मीन राशि के लोगों के लिए कार्तिक पूर्णिमा का दिन समस्त सुख देने वाला है। इस दिन भगवान विष्णु के आठ अक्षरों के मंत्र ॐ नमो नारायणाय का कम से कम 2100 बार जाप करना चाहिए। इससे भगवान विष्णु की कृपा से आपके जीवन में चल रही शनि की परेशानी दूर होगी और आपके काम बनेंगे।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।