
करवा चौथ 2025 - कैसे करें पूजा, क्या है चंद्रोदय समय ?

1285

पूजा
करवा चौथ 2025 - कैसे करें पूजा, क्या है चंद्रोदय समय ?
हिंदू धर्म कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन को ही करवा चौथ के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 10 अक्टूबर 2025 के दिन करवा चौथ का व्रत किया जाएगा। भारतीय महिलाओं के लिए विशेष माने जाने वाले इस व्रत को लेकर कई तरह की मान्यताएं देखने और सुनने को मिलती है। कुछ लोग इसे महाभारत काल से जोड़कर देखते हैं। लेकिन एक बात तो साफ है वह यह कि आज के दौर में यह व्रत देश के हर कोने और यहां तक कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भी महत्वपूर्ण और खास है। आइए जानते है करवा चौथ 2025 की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और इससे जुड़ी कुछ विशेष मान्यताएं-
करवा चौथ 2025 तारीख – 10 अक्टूबर 2025
- इस वर्ष करवा चौथ का त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा।
- करवा चौथ पूजा मुहूर्त – शाम 06:08 बजे से शाम 07:20 बजे तक
अवधि – 01 घंटा 12 मिनट
- करवा चौथ उपवास का समय – सुबह 06:10 बजे से रात 09:01 बजे तक
अवधि – 14 घंटे 52 मिनट
- चतुर्थी तिथि आरंभ – 09 अक्टूबर, 2025 को रात्रि 10:54 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त – 10 अक्टूबर 2025 को शाम 07:38 बजे
करवा चौथ 2025 मुहूर्त
हिंदू धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य को करने के लिए पहले शुभ समय पर विचार करने की प्रथा है। आज के दौर में हम इसे मुहूर्त के नाम से जानते हैं। करवा चौथ 2025 के दिन व्रत के साथ ही चौथ माता अथवा पार्वती जी की सपरिवार पूजा करने की प्रथा है। इसी पूजा के माध्यम से व्रती को व्रत का फल प्राप्त होता है। इस पूजा को शुभ मुहूर्त में करना बेहद आवश्यक है।

(वैसे तो करवा चौथ की पूजा के लिए सूर्य अस्त के बाद का समय उत्तम माना गया है लेकिन यदि कोई व्रती इस दौरान किसी कारणवश पूजा करने में असमर्थ है तो वह दिन के किसी भी मुहूर्त में पूजा संपन्न कर सकता है। हालांकि आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि पूजा में प्रयुक्त दीपक चंद्र पूजा तक अखंड रूप से प्रज्वलित रहे। )
करवा चौथ पूजा विधि
करवा चौथ के व्रत की शुरूआत सूर्योदय के साथ व्रत के संकल्प के साथ होती है। इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर व्रत का संकल्प ग्रहण करती है। व्रत का संकल्प ग्रहण करते समय महिलाओं को इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।
करवा चौथ व्रत धारण मंत्रमम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।
इस संकल्प को ग्रहण करने के बाद महिलाएं अपने मन में अपने लिए व्रत के नियम निर्धारित कर सकती है। वैसे तो करवा चौथ का व्रत निर्जला यानी बिना अन्न और बिना जल के किया जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार महिलाएं संकल्प ग्रहण करते समय इसे निर्धारित कर सकती हैं। दिन भर व्रत का कठोरता से पालन करें, खुद भी खुश रहें और दूसरों को भी खुश रखने का प्रयास करें। इसके बाद विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ 2025 का व्रत और इसकी रस्मों का पूरी निष्ठा पालन करें। विवाहित महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय के साथ – साथ भगवान गणेश की पूजा आराधना करें और चंद्र दर्शन के बाद ही जल व अन्य ग्रहण करें।
करवा चौथ चंद्रमा उदय का समय
- Noida: 8:07 pm
- Gurugram: 8:08 pm
- Jaipur: 8:17 pm
- Delhi: 8:00 pm
- Mumbai: 8:47 pm
- Lucknow: 7:56 pm
- Dehradun: 8:00 pm
- Mathura: 8:08 pm
- Bengaluru: 8:39 pm
- Patna: 7:42 pm
- Amritsar: 8:10 pm
- Agra: 8:07 pm
- Aligarh: 8:06 pm
- Meerut: 8:05 pm
- Gorakhpur: 7:47 pm
- Saharanpur: 8:03 pm
- Bareilly: 7:59 pm
- Rampur: 8:00 pm
(यदि आप इन शहरों के आसपास रहते हैं, तो अपने क्षेत्र चंद्रमा निकलने का समय इन्हीं शहरों की तरह मानें।)
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।