Mahashivratri 2026 : शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें

Mahashivratri 2026 : शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें

Mahashivratri 2026 : शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें

महाशिवरात्रि 2026 पर शिव भक्त महादेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा पाठ और व्रत करने के साथ-साथ उन्हें कई चीजें अर्पित करते हैं। मान्यता है कि शिवजी को भूलकर भी कुछ चीजें अर्पित नहीं करनी चाहिए। इससे भोलेनाथ रुष्ट हो सकते हैं। ऐसे में आइए विस्तार से जानें की शिवजी को क्या-क्या नहीं चढ़ाना चाहिए और इनसे जुड़ी मान्यताएं।

महाशिवरात्रि 2026 - तुलसी का प्रयोग ना करें

पूजा-पाठ में तुलसी के पत्ते प्रयोग करना हिंदू धर्म में बहुत शुभ और पवित्र माना गया है। मान्यता है कि भूलकर भी तुलसी के पत्ते शिवलिंग पर अर्पित नहीं करने चाहिए। इसे लेकर एक पौराणिक कथा है कि भगवान शिव ने तुलसी जी के पति असुर जालंधर का वध किया था। इससे क्रोधित होकर तुलसी ने शिवजी की पूजा से खुद को दूर कर दिया। यही कारण है कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाए जाते हैं।

कुमकुम ना चढ़ाएं

सिंदूर और कुमकुम को स्त्री तत्व माना गया है। इन्हें श्रृंगार के लिए प्रयोग किया जाता है। वहीं, शिवजी को वैरागी यानी सांसारिक मोह माया से दूर माना गया है। यही कारण है कि शिवलिंग पर सिंदूर अर्पित करना वर्जित माना जाता है। सिंदूर, रोली व कुमकुम की बजाए आप भोलेनाथ की पूजा में भस्म, चंदन आदि का प्रयोग कर सकते हैं। इससे जातक को भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सकती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रह सकती है। हालांकि कुछ मान्यताओं के अनुसार कुमकुम अर्पण किया जा सकता है।

महाशिवरात्रि 2026 - शंख ना बजाएं

मंदिर पूजा के बाद शंख बजते हुए आपने अवश्य देखा होगा। लेकिन कभी भी शिवजी की पूजा अर्चना के लिए शंख का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसे लेकर एक पौराणिक कथा है कि एक बार सभी देवी-देवता दैत्य शंखचूड़ से बहुत परेशान थे। तब शिवजी ने त्रिशूल से उस दैत्य का वध कर दिया था। ऐसा करने से उसका शरीर भस्म हो गया और उससे शंख की उत्पत्ति हुई। यही कारण है कि भगवान शिव की पूजा में शंख प्रयोग नहीं किया जाता है। ऐसे में शिवरात्रि पर गलती से भी पूजा में शिवलिंग का इस्तेमाल न करें।

केतकी के फूल से ना करें शिव पूजा

महाशिवरात्रि 2026 पर भगवान शिव बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे शिवजी की कृपा भक्तों पर बनी रहती है, लेकिन मान्यता है कि कुछ फूल शिवलिंग पर भूलकर भी नहीं चढ़ाने चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार, ब्रह्मदेव के असत्य में उनका साथ देने के कारण शिवजी ने केतकी को श्राप दिया था। तभी से शिवजी पर केतकी के फूल चढ़ाना वर्जित माना जाता है। साथ ही, उन्हें कनेर या लाल रंग के फूल भी नहीं चढ़ाने चाहिए।

महाशिवरात्रि के दिन ये जरूर करें -

  •  रात के चार में से एक पहर की पूजा जरूर करें।
  •  हो सकें तो कम से कम 1008 पंचाक्षर मंत्र का जाप करें।
  •  भगवान शिव का उनके पूरे परिवार सहित पूजन करें।
  •  भगवान को भोग में फल अर्पण करें।

लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

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