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हमारे देश में कुंडली मिलान करके ही रिश्तों को पक्का किया जाता है। यदि किसी की भी कुंडली में मंगल या मांगलिक दोष है, तो उसके पूरे परिवार को शादी की चिंता लग जाती है। लड़की या लड़के की शादी के लिए मांगलिक दोष एक बड़ा मुद्दा बन जाता है। शादी के लिए देश में सबसे बड़ा पैरामीटर मंगल दोष को ही मान लिया जाता है। हालांकि मंगल दोष के अन्य नुकसान भी हो सकते हैं, जिस पर कभी लोग ध्यान नहीं देते हैं। आइए समझते हैं क्या है मंगल दोष और क्या है उसके नुकसान
कुंडली में जब मंगल ग्रह लग्न यानी प्रथम भाव, चौथे भाव, सातवें भाव, आठवें भाव या बारहवें भाव में होता है, तो मंगल या मांगलिक दोष बनाता है। कुछ जगहों पर दूसरे भाव के मंगल को भी मांगलिक दोष में गिना जाता है। हालांकि इस बात को लेकर कई जगह मतभेद हैं, कुछ विद्वान दूसरे भाव के मंगल को मंगल दोष नहीं मानते हैं।
वैसे तो मांगलिक दोष के कारण अक्सर विवाह में दिक्कत आती है या देरी से होता है। दरअसल इसके पीछे एक कारण यह भी है कि मांगलिक दोष वाले व्यक्ति का विवाह मांगलिक दोष वाले से ही हो सकता है। ऐसे में कई कुंडली मिलान करने के बाद रिश्ता पक्का होता है। वहीं कुछ अन्य परेशानियां भी मंगल दोष वाले व्यक्ति को हो सकती है। इनमें से कुछ इस तरह हो सकती हैं -
- बार-बार चोट लगना
- दुर्घटना का भय
- रक्त संबंधी कोई परेशानी
- लोन लेकर ना चुका पाने की स्थिति
- पैतृक संपत्ति का विवाद
- भाइयों से मतभेद की स्थिति
इन जैसी कई समस्याओं से मंगल दोष वाले व्यक्ति अक्सर ही परेशान रहते हैं।
मंगल दोष पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें भाव में मंगल होने के कारण बनता है। इनमें भी अलग-अलग स्थानों पर मंगल होने के कारण व्यक्ति को अलग-अलग समस्याएं भी हो सकती है। जैसे
- यदि पहले भाव में मंगल हों, तो व्यक्ति बहुत गुस्सैल होता है और गुस्से की वजह से ही अपना काम बिगाड़ लेता है।
- दूसरे भाव में मंगल हों, तो अक्सर परिवार के लोगों के साथ मतभेद रहते हैं।
- चौथे भाव में मंगल हों, तो जमीन-जायदाद के काम में आपको दिक्कत आ सकती है।
- सातवें भाव में मंगल हों, तो वैवाहिक जीवन में तनाव रह सकता है।
- आठवें भाव के मंगल के कारण आपको दुर्घटना का हमेशा भय लगा रहेगा।
- बारहवें भाव के मंगल के कारण अस्पताल, कोर्ट, बेकार की यात्राओं पर पैसा खर्च होता रहता है।
हालांकि हम यहां एक बात स्पष्ट कर दें कि मंगल यदि स्वराशि का हो या अच्छी स्थिति का हो तो इन भावों में भी बैठा मंगल आपके लिए कल्याणकारी हो सकता है।
जी हां। यह बात ज्योतिष शास्त्र में बताई गई है कि शादी से पूर्व मांगलिक दोष देख लेना चाहिए। मांगलिक दोष से पीड़ित लड़के या लड़की को मंगल दोष वाले व्यक्ति से ही विवाह करना चाहिए। इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है। मंगल दोष के कारण व्यक्ति अक्सर आवेग में रहता है। गुस्सा उसकी नाक पर रहता है। यदि ऐसे व्यक्ति को उसी की तरह व्यवहार रखने वाला व्यक्ति संभालेगा, तो एक-दूसरे के सम्मान में मतभेद की समस्या कम हो सकती है। नहीं तो, जीवन में सामंजस्य बैठाना मुश्किल हो सकता है।
बिल्कुल! हालांकि यहां स्पष्ट कर दें कि कुंडली से मांगलिक दोष को पूरी तरह नहीं हटाया जा सकता है, लेकिन कुछ आसान उपायों के जरिए मांगलिक दोष का निवारण संभव है। आप यदि मांगलिक हैं, तो आप त्रिलोक के विशेषज्ञ एस्ट्रोलॉजर्स से इसका समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
