
मंगल केतु युति - 51 दिनों तक बनेगा विशेष योग, इन राशियों पर होगा असर

1259

ज्योतिष
मंगल केतु युति - 51 दिनों तक बनेगा विशेष योग, इन राशियों पर होगा असर
साल 2025 में बहुत से ग्रहों ने राशि बदली है। अब मंगल 7 जून 2025 को राशि बदल रहा है और सिंह राशि में प्रवेश करेगा। सिंह में पहले से ही केतु ग्रह है। ऐसे में मंगल-केतु युति इस राशि में बनेगी। मंगल केतु के इस प्रभाव को अंगारक दोष भी कहा जाता है। इसे कई बेहद खतरनाक युति मानी जाती है। मंगल सिंह राशि में 28 जुलाई 2025 तक रहेंगे, ऐसे में इन 51 दिनों में मेष सहित 5 राशि के जातकों को बेहद सतर्क रहना होगा। यह समय इनके धैर्य और विवेकशीलता की परीक्षा लेगा। आपको बार-बार क्रोध आएगा, लेकिन आपको किसी भी उकसावे और बहकावे में नहीं आना है. अन्यथा आपको भारी नुकसान हो सकता है।
मंगल-केतु युति - विरोधियों से सावधान
मंगल-केतु का गोचर आपके लिए उतार चढ़ाव लेकर आ सकता है। सिंह राशि में मंगल और केतु की युति से कार्यक्षेत्र में आपको बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। आपको कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आपके विरोधी आपको भटकाव के रास्ते की ओर धकेल सकते हैं। इस दौरान आपको काफी सूझबूझ के साथ कदम बढ़ाने होंगे। इसके साथ ही गुस्से या कटु शब्दों का इस्तेमाल करने से बचना होगा। मन अशांत हो सकता है। परिवार में गलतफहमियां हो सकती हैं। बेहतर होगा कि संवाद और पारदर्शिता बनाए रखें। विवादों से दूर रहें। आप रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे आपके लिए मंगल का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा।
आर्थिक चुनौतियों के लिए रहें तैयार
मंगल गोचर वृषभ राशि के जातकों को प्रतिकूल परिणाम दे सकता है। आपको इस अवधि में धन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कारोबार से लेकर परिवार तक में इच्छित परिणाम हासिल करने के लिए आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में आप पर काम का दबाव अधिक रह सकता है। इस पर आपको सहकर्मियों का अपेक्षित सहयोग भी नहीं मिल पाएगा। रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है। पारिवारिक खुशियां कम हो सकती है। ध्यान रहें कि इस दौरान भूमि, भवन और वाहन से जुड़े विवादों को फिर से नहीं उठाएं। आप भगवान गणेश और शिव की आराधना करें।
मंगल-केतु युति - क्रोध से होगा नुकसान
मंगल-केतु की युति सिंह राशि में ही बनेगी। केतु के प्रभाव की वजह से आपको परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। मंगल और केतु का मिलना आपको अग्रेसिव बनाएगा, लेकिन याद रखें कि क्रोध से नुकसान होगा। आपके लिए जोखिम लेना नुकसानदायक होगा। चोट लगने की आशंका रहेगी, ऐसे में सतर्क रहें। इस अवधि में गर्भवती महिलाएं अपना विशेष ध्यान रखें। रक्त से संबंधित समस्या हो सकती है। बीमार होने पर सेहत की अनदेखी से बचना होगा। छोटी समस्या भी बड़ी हो सकती है। करीब 51 दिनों तक आप प्रतिदिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
मंगल-केतु यिति - अनचाही यात्राएं करेंगी परेशान
कन्या राशि के जातकों को मंगल गोचर की वजह से अनचाही यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। ये उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं देंगी। इस पर आपको कॅरियर से लेकर कारोबार तक में नई अवसरों के लिए जूझना पड़ सकता है। आपको अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए चलना होगा, वरना एक गलती आपके हाथ से लाभ का सौदा छीन सकती है। नौकरीपेशा जातकों को इच्छित परिणाम के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ेंगे। परिवार में आपके संबंध अनुकूल नहीं रहेंगे। आपके विचार विरोधाभासी हो सकते हैं। बेहतर होगा कि समझदारी से काम लें। सेहत का ध्यान रखें। मंगल-केतु युति के दौरान कन्या राशि के जातक हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं और इसे लोगों में बांटें। इससे आपके संकट दूर होंगे।
स्वभाव में उग्रता लाने से बचें
मंगल-केतु युति आपके लिए मिलेजुले परिणाम लेकर आ रहा है। मंगल और केतु की युति से आपके स्वभाव में उग्रता अधिक दिखेगी। कटु शब्दों का इस्तेमाल करने से बचें। बेवजह के खर्च आपके बजट को बिगाड़ देंगे। ऐसे में सोच समझकर धन खर्च करें। आपको इच्छित परिणाम हासिल करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। इस पर भी सफलता और असफलता आपकी बुद्धि और क्षमता पर निर्भर करेगी। सेहत ठीकठाक रहेगी लेकिन लापरवाही न बरतें। मौसमी बदलावों के प्रति सचेत रहें।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।