वृश्चिक राशि में मंगल - क्या होगा आपकी की राशि पर असर ?

वृश्चिक राशि में मंगल - क्या होगा आपकी की राशि पर असर ?

वृश्चिक राशि में मंगल - क्या होगा आपकी की राशि पर असर ?

ग्रहों के सेनापति मंगल अब वृश्चिक राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को साहस, शौर्य और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। मंगल ग्रह 27 अक्टूबर 2025 को दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर अपनी ही राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। मंगल का यह गोचर 7 दिसंबर 2025 तक इसी राशि में रहेगा। यानी लगभग डेढ़ महीने तक मंगल वृश्चिक राशि में रहेंगे। इसके बाद मंगल धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से जब कोई ग्रह अपनी स्वयं की राशि में आता है तो उसका प्रभाव अधिक प्रबल हो जाता है। ऐसे में मंगल का यह गोचर सभी राशियों पर कुछ न कुछ असर डालने वाला है। आइए जानते हैं कि मंगल गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव देखने को मिलेगा।   Kundali Dosh Nivaran Shani Puja  

मेष राशि

मंगल आपके लग्न और अष्टम भाव के स्वामी ग्रह हैं। वृश्चिक राशि में मंगल का यह गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है। कुंडली विश्लेषण के अनुसार अष्टमेश का अष्टम भाव में होना कुछ मामलों में अनुकूल माना जाता है। इस गोचर के दौरान आपका पित्त संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। इससे एसिडिटी, पाचन समस्या या पेट से संबंधित तकलीफें बढ़ सकती हैं। गोचर के प्रभाव से आपको अनावश्यक विवाद, तनाव, चोट या दुर्घटना का खतरा रह सकता है। इस समय परिवार या भाई-बहनों के साथ हल्की तकरार की स्थिति बन सकती है।

वृषभ राशि

मंगल आपके सप्तम और द्वादश भाव के स्वामी हैं और यह गोचर आपकी कुंडली के सप्तम भाव में हो रहा है। हालांकि मंगल अपनी स्वयं की राशि में हैं, इसलिए बड़े नुकसान की आशंका नहीं है। लेकिन सप्तम भाव में मंगल की स्थिति संबंधों में तनाव पैदा कर सकती है। इस अवधि में पति-पत्नी के बीच गलतफहमियां या विवाद संभव हैं। अविवाहित जातकों के लिए भी रिश्तों में देरी या रिश्तों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से मुंह, दांत या गले से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। व्यवसाय में किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचना आवश्यक रहेगा।

मिथुन राशि

मंगल आपकी कुंडली में छठे और लाभ भाव के स्वामी हैं। यह गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है। ज्योतिष के अनुसार छठे भाव में मंगल का गोचर शुभ माना जाता है। यह आपको प्रतिस्पर्धा, नौकरी और कार्यक्षेत्र में लाभ देता है। आपके साहस और निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी। धन लाभ के अच्छे योग बनेंगे तथा रुके हुए कार्य भी गति पकड़ेंगे। इस अवधि में आपको सोना, तांबा या किसी मूल्यवान वस्तु की प्राप्ति हो सकती है। कानूनी मामलों में सफलता भी मिलती हुई दिख रही है। स्वास्थ्य सामान्य रूप से बेहतर रहेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

कर्क राशि

मंगल कर्क राशि के पंचम और दशम भाव के स्वामी हैं और यह गोचर आपकी कुंडली के पंचम भाव में हो रहा है। पंचम भाव में मंगल का गोचर अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए इस अवधि में आपको विशेष सावधानी रखनी होगी। इस गोचर के दौरान मानसिक अशांति, पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। यही नहीं संतान को लेकर भी कुछ परेशानियां सामने आ सकती हैं। छात्रों के लिए यह समय मेहनत करने वाला है।​

सिंह राशि

मंगल आपके चौथे और भाग्य भाव के स्वामी हैं। इसलिए आपकी कुंडली में शुभ ग्रह माने जाते हैं। लेकिन वर्तमान में मंगल का चतुर्थ भाव में गोचर होने से थोड़ी सावधानी रखनी होगी। चौथे भाव में मंगल की स्थिति रक्त विकार, ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी परेशानी खड़ी कर सकती है। इस दौरान आग और दुर्घटना से भी सतर्क रहने की जरूरत है। घरेलू जीवन में तनाव या माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता परेशान कर सकती है। इस गोचर के दौरान संपत्ति से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें। हालांकि मंगल अपनी ही राशि में होने से बड़ा नुकसान नहीं होने देगा।

कन्या राशि

मंगल आपके तृतीय और अष्टम भाव के स्वामी हैं और अब इनका गोचर आपकी कुंडली के तृतीय भाव में हो रहा है। यह स्थिति अत्यंत शुभ मानी जाती है। तृतीय भाव में मंगल का होना आपके साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी करेगा। आप नए कार्यों की शुरुआत करेंगे और पुराने कार्यों को पूरा करने की क्षमता बढ़ेगी। प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों में आप बढ़त बनाए रखेंगे और शत्रु परास्त होंगे। इस अवधि में धन लाभ के अवसर भी प्राप्त होंगे तथा रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी और बड़े लोगों से सहयोग प्राप्त होगा।   Reports 2025  

तुला राशि

मंगल आपके दूसरे और सप्तम भाव के स्वामी हैं और इस समय उनका गोचर आपकी कुंडली के द्वितीय भाव में हो रहा है। इस अवधि में आपकी वाणी कठोर हो सकती है, जिससे परिवार या बाहरी लोगों के साथ विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। सरकारी कार्यों या कानूनी मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। अचानक चोरी, धन हानि या आग से नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से मुख, दांत, आंख या पेट संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

वृश्चिक राशि

मंगल आपके लग्न और छठे भाव के स्वामी हैं और आपकी राशि में गोचर कर रहे है। प्रथम भाव में मंगल का गोचर तनावपूर्ण माना जाता है, लेकिन मंगल का स्वराशि में होना और गुरु की दृष्टि मिलना नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम करेगा। इस दौरान आपको रक्तचाप, रक्त संबंधी विकार या बुखार की समस्या हो सकती है। इसलिए स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें। इस गोचर के दौरान क्रोध और आवेग आप पर हावी हो सकता है। इससे संबंधों और कार्यक्षेत्र में तनाव उत्पन्न हो सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।

धनु राशि

मंगल आपकी कुंडली में पंचम और द्वादश भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में वृश्चिक राशि में गोचर करते हुए आपके द्वादश भाव में स्थित रहेंगे। यह स्थिति अनुकूल परिणाम देने वाली नहीं मानी जाती है। इसलिए इस अवधि में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। मंगल गोचर के दौरान आपपर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। मंगल का यह गोचर विदेश यात्रा का योग भी बना सकता है। किसी महिला सदस्य के स्वास्थ्य में गिरावट देखने को मिल सकती है।

मकर राशि

मंगल आपकी कुंडली में चौथे और लाभ भाव के स्वामी हैं और इस समय उनका वृश्चिक राशि में गोचर आपके लाभ भाव में हो रहा है। यह स्थिति मंगल के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है। इस अवधि में आपकी आमदनी में वृद्धि हो सकती है और रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। व्यापारियों को लाभ के अवसर मिलेंगे। वहीं नौकरीपेशा लोगों को पद-प्रतिष्ठा मिलने की संभावना बनेगी। जमीन-जायदाद से संबंधित मामलों में लाभ के योग बनेंगे और नजदीकी लोगों का सहयोग प्राप्त होगा।

कुंभ राशि

मंगल आपकी कुंडली में तीसरे और दशम भाव के स्वामी हैं और इस समय उनका वृश्चिक राशि में गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है। ऐसे में यह अवधि आपके भीतर ऊर्जा और कार्य के प्रति लेकर आएगी। यदि आप इस ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करेंगे तो करियर में प्रगति होगी। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में भी कड़ी मेहनत से सफलता मिलेगी। पिता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता रखें।   Marraige Report 2025  

मीन राशि

मंगल आपकी कुंडली में दूसरे और भाग्य भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में उनका वृश्चिक राशि में गोचर आपके भाग्य भाव में हो रहा है। आमतौर पर भाग्य भाव में मंगल का गोचर बाधाएं खड़ी करता है। ऐसे में यह गोचर आपके लिए औसत से बेहतर परिणाम दे सकता है। इस समय अपने अनुभव, बुद्धिमानी और प्रैक्टिकल सोच का सही उपयोग करेंगे तो कार्यों में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ बना रहेगा। हालांकि शासन-प्रशासन से जुड़े मामलों में सावधानी रखें। इस दौरान किसी भी विवाद में फंसने से खुद को बचाएं।

लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

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