
मौनी अमावस्या 2026 - इस दिन करें कुछ खास उपाय

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मौनी अमावस्या 2026 - इस दिन करें कुछ खास उपाय
हिंदू पंचांग में मौनी अमावस्या 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। हर महीने आने वाली यह मौनी अमावस्या 2026 पितरों की कृपा प्राप्त करने, नकारात्मक ऊर्जा को सांत करने और जीवन में नई शुरुआत के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। इस दिन चंद्रमा अदृश्य रहता है, इसलिए ध्यान, जप, तर्पण और दान के प्रभाव कई गुना बढ़ जाते हैं। माना जाता है कि मौनी अमावस्या पर किए गए स्नान-दान, विशेषकर तिल, गुड़, कंबल, भोजन और दीपदान व्यक्ति को पितृदोष से राहत दिलाने के साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल प्रदान करते हैं। इस अमावस्या को अंतर्मन की शुद्धि पिछले कर्मों के प्रायश्चित और आने वाले समय के लिए शुभ संकल्प लेने का उत्तम दिन माना जाता है। मौनी अमावस्या 2026 की तिथि, महत्व व आदि के बारे में -
मौनी अमावस्या 2026 का आध्यात्मिक महत्व
साल 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। "मौनी" शब्द का अर्थ है "मौन रहना और अध्यात्म में मौन रहने का विशेष महत्व और लाभ बताया गया है"। मौन रहना एक आध्यात्मिक साधना की तरह है। मौनी अमावस्या में भी मौन रहने की सलाह दी जाती है। इस दिन मौन व्रत धारण करने से आत्मा की शुद्धि होती है और मन शांत होता है। मौन रहकर व्यक्ति ध्यान और आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर हो सकता है। मौनी अमावस्या ध्यान, योग, और साधना के लिए सबसे उत्तम दिन माना गया है। माना जाता है कि इस दिन ध्यान और भक्ति से भगवान विष्णु और शिव की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा मौनी अमावस्या पितरों को प्रसन्न करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए भी अर्पित है। इस दिन तर्पण, पिंडदान और अन्न-दान से पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
मौनी अमावस्या 2026 का महत्व
- पितृ शांति, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और स्वास्थ्य लाभ के लिए तिलदान श्रेष्ठ माना जाता है।
- गरीबों को भोजन कराना, अन्न दान करना या गौ-सेवा करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
- जरूरतमंदों को कपड़े, खासकर गर्म कपड़े (सर्दी के मौसम में) देने से पितृदोष कम होता है।
- सर्दियों में दर्श अमावस्या अक्सर आती है, इसलिए कंबल दान विशेष पुण्यदायक माना जाता है।
- गुड़, घी, और भोजन की मिठास से संबंधित वस्तुएं दान करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
- पितरों और देवताओं को शांत करने के लिए दीपदान बहुत शुभ माना जाता है।
- जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को फल-मिठाई दान करने से घर में शुभता आती है।
- पापों के क्षय और ग्रहों की शांति के लिए धातुओं का दान भी उत्तम होता है।
मौनी अमावस्या 2026 पर इस तरह करें पितरों का तर्पण
- सुबह जल्दी उठकर पवित्र जल से स्नान करें और पवित्र स्थान (घर के मंदिर या आंगन) में शांत वातावरण बनाएं। मन में पितरों के प्रति श्रद्धा रखें।
- यदि नदी, सरोवर या कुएं का जल उपलब्ध हो तो वहाँ तर्पण करना श्रेष्ठ माना जाता है। घर में भी तर्पण किया जा सकता है।
- यदि परिवार में परंपरा हो तो आटे या चावल के पिंडे बनाकर कौओं और गाय को खिलाना शुभ माना जाता है।
- अमावस्या पर दक्षिण दिशा में एक दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह पितरों को प्रकाश पहुंचाने का प्रतीक है।
- घर में पका सादा भोजन, खीर, रोटी, सब्ज़ी, एक थाली में निकालकर पितरों को समर्पित करें और बाद में गाय या गरीबों को दे दें।
- तिल, गुड़, घी, अन्न, वस्त्र या कंबल का दान पितरों को प्रसन्न करने का मुख्य उपाय माना गया है।
मौनी अमावस्या 2026 के दिन क्या करें क्या न करें
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और कुछ समय ध्यान में बिताएँ। इससे मन शुद्ध होता है।
- काले तिल, चावल और जल से पितरों को तर्पण देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण करें।
- दक्षिण दिशा में एक दीपक अवश्य जलाएं। यह पितरों को प्रकाश देने का प्रतीक है।
- तिल, गुड़, अन्न, वस्त्र, कंबल, घी और फल-मिठाई का दान इस दिन बहुत पुण्यदायक माना गया है।
- इस दिन सादा, सात्त्विक और हल्का भोजन करना शुभ माना गया है।
- मौनी अमावस्या आत्म-निरीक्षण व भीतर की शांति का दिन है। कुछ समय मौन में बिताना अच्छा रहता है।
मौनी अमावस्या 2026 पर करें ये आसान उपाय
- काले तिल से तर्पण करें अमावस्या पर काले तिल का तर्पण नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और पितरों की कृपा तुरंत प्राप्त होती है। माना जाता है कि तिल जल में मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर अर्पित करने से घर में रुके काम तेज़ी से पूरे होने लगते हैं।
- सरसों के तेल का दीपक दक्षिण दिशा में जलाएं इस दिन दक्षिण दिशा में तेल का दीप जलाना पितृदोष को शांत करता है और परिवार पर से पेरशानियों का भार हटाता है। यह दीपक घर में सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और अशुभ शक्तियां दूर रहती हैं।
- मौनी अमावस्या 2026 पर गुड़ और चावल का दान करें गुड़ और चावल को मिलाकर जरूरतमंदों को देना अचानक आ रही आर्थिक बाधाओं को शांत करता है। यह टोटका धन-प्रवाह को स्थिर करता है और अंदरूनी तनाव को कम करता है।
- घर के मुख्य द्वार पर हल्दी-पानी छिड़कें अमावस्या की सुबह हल्दी-पानी का छिड़काव घर की नकारात्मकता को खत्म करता है और शुभ ऊर्जा को आकर्षित करता है। इससे घर का वातावरण शांत, पवित्र और सौभाग्यदायक बनता है।
- मौनी अमावस्या 2026 पर कौओं को रोटी पर घी लगाकर खिलाएं कौए पितरों के प्रतीक माने जाते हैं। अमावस्या पर उन्हें घी लगी रोटी खिलाने से पितरों की आत्मा प्रसन्न होती है और घर-परिवार पर से संकट दूर होने लगते हैं।
- अपने तकिए के नीचे कपूर का छोड़ा टुकड़ा रखें अमावस्या की रात कपूर का एक छोटा टुकड़ा तकिए के नीचे रखने से नींद में आने वाली डर, बुरे सपने और मानसिक बेचैनी दूर होती है। यह टोटका मन को शांत और सकारातमक बनाता है।
- अमावस्या 2026 पर तुलसी पर कच्चे दूध का अर्घ्य दें। कच्चे दूध से तुलसी को अर्घ्य देने से घर में शुभता, स्वास्थ और समृद्धि बढ़ती है। यह ग्रहों की शांति के लिए भी बेहद प्रभावी माना गया है।
- मौनी अमावस्या 2026 पर टूटे-फूटे सामान घर से हटा दें। अमावस्या पर टूटे, बेकार या खराब सामान को घर से निकालने से घर का वास्तु सुधारता है। यह रुके काम, बेचैनी और आर्थिक ठहराव दूर करने का सरल लेकिन शक्तिशाल टोटका है।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।