
पंचक क्या है ? 2025 में किस महीने कब रहेगा पंचक ?

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ज्योतिष
पंचक क्या है ? 2025 में किस महीने कब रहेगा पंचक ?
पांच दिनों के विशेष नक्षत्र संयोग को पंचक कहते हैं। इन पांच दिनों को शुभ और अशुभ कार्यों के लिए देखा जाता है। पंचक के दौरान कुछ कार्य करना बेहद अशुभ माना जाता है। पंचक पंचांग का विशेष भाग है। चलिए जानते हैं पंचक क्या है और इस दौरान क्या विशेष कार्यों को करने से बचना चाहिए।-
क्या है पंचक
जब चंद्रमा कुंभ से मीन राशि में गुजरता है, तो पंचक का प्रभाव होता है। आमतौर पर इसे पांच महत्वपूर्ण नक्षत्रों में चंद्रमा के गुजरने का समय माना जा सकता है। ये नक्षत्र है - धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, और रेवती। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, या नए निर्माण कार्य से बचना चाहिए।
पंचक अशुभ क्यों माना जाता है?
कहते हैं पंचक के समय किसी तरह के शुभ काम का परिणाम नहीं मिलता है और उस काम को पांच बार करना पड़ता है। हिंदू धर्म में जब किसी की मृत्यु भी पंचक के दौरान होती है, तो विशेष पूजा पाठ करके पंचक की शांति की जाती है। पंचक के दौरान ये काम बिल्कुल ना करें।
- धनिष्ठा नक्षत्र: जरूरी ना हों, तो यात्रा को टालें। गैस, पेट्रोल आदि का काम ना करवाएं। नए घर का वास्तु प्रवेश ना करें।
- शतभिषा नक्षत्र: इस समय नया बिजनेस शुरू ना करें। पार्टनरशिप का कोई काम करने से भी बचें।
- पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र: इस नक्षत्र में विवाह, नए घर का वास्तु या नई गाड़ी खरीदते हैं, तो यह शुभ नहीं होता है। कार्य करने वाला व्यक्ति बीमार हो जाता है।
- उत्तराभाद्रपद नक्षत्र: इस दौरान कोई नया काम शुरू करते हैं, तो असफलता मिलती है।
- रेवती नक्षत्र: इस समय काम करने से आर्थइक हानि होने की आशंका बनी रहती है। रेवती भी एक गंडमूल नक्षत्र है और इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति को हर दूसरे महीने बगलामुखी पूजा करनी होती है।
पंचक के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होता है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी या परेशानी से बचा जा सकें।
कब है पंचक 2025?
पंचक 2025 के दौरान, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशियों में प्रवेश करेगा, तो उस महीने पंचक रहेगा। धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, और रेवत नक्षत्र गुजरते हुए चंद्रमा पंचक निर्माण करता है। जानते हैं 2025 में किस महीने पंचक की तिथि क्या होगी।
- - जनवरी 2025 में पंचक 3, 4, 5, 6 और 7 जनवरी 2025 तक होगा।
- जनवरी 2025 के अंत में पंचक 30, 31 जनवरी, 1, 2 और 3 फरवरी 2025 तक होगा।
- पंचक 27, 28 फरवरी,1, 2 और 3 मार्च 2025 तक लगेंगे।
- मार्च 2025 में पंचक की अवधि 26, 27, 28, 29 और 30 मार्च 2025 तक होगा।
- अप्रैल 2025 में पंचक की अवधि 23, 24, 25, 26 और 27 अप्रैल 2025 तक होगा।
- मई 2025 में पंचक 20, 21, 22, 23 और 24 मई 2025 तक चलेगा।
- जून 2025 में पंचक 16, 17, 18, 19 और 20 जून 2025 तक होगा।
- जुलाई 2025 में पंचक 13, 14, 15, 16, 17 और 18 जुलाई 2025 तक लगेंगे।
- अगस्त 2025 में पंचक 10, 11, 12, 13 और 14 अगस्त 2025 तक लगेंगे।
- सितंबर 2025 में पंचक 6, 7, 8, 9 और 10 सितंबर 2025 तक लगेंगे।
- अक्टूबर 2025 में पंचक 3, 4, 5, 6, 7 और 8 अक्टूबर 2025 तक होगा।
- नवंबर में पंचक 27, 28, 29, 30 नवंबर और 1 दिसंबर 2025 तक होगा।
- दिसंबर 2025 में पंचक 24, 25, 26, 27, 28 और 29 दिसंबर 2025 तक होगा।
पंचक के प्रकार और उनका प्रभाव
पंचांग के अनुसार पंचक एक विशेष समय होता है। इसमें किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले सावधानी बरती जाती है। यह पांच दिनों की अवधि होती है। आइए, पंचक के विभिन्न प्रकारों को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि किस पंचक में कौन-कौन से कार्य वर्जित माने गए हैं।
पंचक के पांच प्रकार-
- रोग पंचक
यह पंचक तब होता है जब पंचक की शुरुआत रविवार से होती है। इस पंचक के दौरान यज्ञ या धार्मिक अनुष्ठान जैसे कार्य करने से बचना चाहिए।
- राज्य या नृप पंचक
यदि पंचक की शुरुआत सोमवार से होती है, तो इसे राज्य पंचक या नृप पंचक कहा जाता है। इस समय नौकरी या नई सरकारी योजनाओं में प्रवेश करना वर्जित माना जाता है।
- अग्नि पंचक
मंगलवार से शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इस समय घर का निर्माण, गृह प्रवेश, या किसी प्रकार की नई संपत्ति से जुड़े कार्य नहीं किए जाने चाहिए।
- चोर पंचक
शुक्रवार को शुरू होने वाला पंचक चोर पंचक कहलाता है। इस समय यात्रा करने से बचा जाता है, क्योंकि चोरी या धन हानि की आशंका रहती है।
- मृत्यु पंचक
पंचक यदि शनिवार से शुरू होता है, तो इसे मृत्यु पंचक कहते हैं। इस पंचक के दौरान विवाह, सगाई, और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
पंचक के दौरान करें ये उपाय
पंचक के दौरान कुछ आसान उपाय करके आप इस समय को शांतिपूर्ण और शुभ बना सकते हैं। पंचक के दौरान निम्नलिखित 5 उपाय करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है:
- भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करें।
- जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, या धन का दान करें।
- पंचक के समय में असहाय गायों को हरा चारा खिलाने से शुभ फल प्राप्त होते हैं
- इस समय आप घर या मंदिरों में विशेष पूजा, अनुष्ठान, या हवन करवा सकते हैं।
- पंचक के दौरान नाखून और बाल काटने से बचना चाहिए।

लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।