
राम नवमी 2025 - तारीख, कथा और कैसे मनाएं

1278

पूजा
राम नवमी 2025 - तारीख, कथा और कैसे मनाएं
सनातन धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार रामनवमी श्री राम भगवान के जन्म से जुड़ा है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर माता कौशल्या के गर्भ से श्री राम के रूप में जन्म लिया था। इस दिन को रामनवमी उत्सव के रूप में मनाया जाता है। सभी हिंदुओं के लिए राम नवमी का विशेष महत्व है। इस साल राम नवमी 06 अप्रेल 2025 को मनाया जाएगा। हालांकि नवरात्रि 07 अप्रेल को समाप्त हो रही है, इसलिए राम नवमी 06 अप्रेल को भी मनाई जाएगी। आप इस दिन रामनवमी पूजन रविवार को कर सकते हैं। इसी दिन से गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्री राम चरितमानस की रचना शुरू की थी।
भगवान श्री राम के जन्म से जुड़ी पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम का अवतार त्रेता युग में हुआ था। अयोध्या के राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया और यज्ञ से प्राप्त खीर की। दशरथ ने अपनी प्रिय पत्नी कौशल्या को दे दिया। कौशल्या ने उसमें से आधा हिस्सा कैकेयी को दिया इसके बाद दोनों ने अपने हिस्से से आधा-आधा खीर तीसरी पत्नी सुमित्रा को दे दिया। इस खीर के सेवन से चैत्र शुक्ल नवमी को पुनर्वसु नक्षत्र एवं कर्क लग्न में माता कौशल्या के गर्भ से श्री राम का जन्म हुआ। इसी तरह माता कैकेयी से भरत, तो सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया।
ऐसे मनाते हैं राम नवमी
रामनवमी के दिन की शुरुआत सूर्य देव की आराधना के साथ होती है। सूर्य शक्ति का प्रतीक हैं और हिन्दू मान्यता के मुताबिक सूर्य देव को भगवान श्रीराम का पूर्वज माना जाता है। रामनवमी चैत्र नवरात्रि में पड़ती है और यह दिन चैत्र नवरात्रि का समापन दिन भी होता है। देश के विभिन्न हिस्सों में कई रिति रिवाजों के मुताबिक राम नवमी की पूजा होती है। भगवान श्री राम को मर्यादा का प्रतीक माने जाने के साथ ही उन्हें श्रेष्ठ पुरुष की संज्ञा दी जाती है। वे किसी के साथ कोई भेद-भाव नहीं करते हैं। इस दिन लोग भजन कीर्तन करते हैं और रामकथा सुनते हैं। इस दिन रामचरित मानस का पाठ भी करवाया जाता है। मान्यता है कि राम नवमी के दिन उपवास रखने से सुख समृद्धि आती है और पाप और बुराइयों का नाश होता है।
रामनवमी 2025
रामनवमी पूजा मुहूर्त – 10:45 AM से 01:14 PM
अवधि – 2 घंटे 29 मिनट
राम नवमी मध्याह्न क्षण – 12:00 PM
नवमी तिथि का प्रारंभ – अप्रैल 05, 2025 को 19:26 बजे
नवमी तिथि का समापन – अप्रैल 06, 2025 को 19:22 बजे
रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें
रामनवमी 2025 पर राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। यह स्तोत्र अत्यधिक चमत्कारी स्तोत्र है। भगवान शंकरने बुधकौशिक ऋषि को सपने में दर्शन देकर रामरक्षा स्तोत्र का पाठ सुनाया। प्रात:काल उठने पर उन्होंने वह लिख लिया। यह स्तोत्र संस्कृत भाषा में है। इस स्तोत्र के नित्य पाठ से घर की सर्व पीड़ा और भूतबाधा भी दूर होती है । जो इस स्तोत्र का पाठ करता है। वह दीर्घायु, सुखी, संतानवान, विजयी तथा विनयसंपन्न होता है। रामनवमी से इस स्तोत्र के पाठ का संकल्प करना चाहिए।
रामनवमी 2025 पर राशि के अनुसार करें पूजा
- मेष राशि के लोग राम नवमी 2025 पर राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
- वृषभ राशि के लोग श्रीराम जय राम जय जय राम का 108 बार जाप करें।
- मिथुन राशि के लोग इंद्र कृत राम स्तोत्र का पाठ करें।
- कर्क राशि के लोग श्रीराम के साथ लक्ष्मण कवच का पाठ करें।
- सिंह राशि के लोग राम गायत्री मंत्र का जाप करें।
- कन्या राशि के लोग इस राम नवमी 2025 को सुंदरकांड के साथ राम द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करें।
- तुला राशि के लोग वाल्मीकि रामायण का बालकांड पढ़ें।
- वृश्चिक राशि के लोग राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
- धनु राशि के लोग इस रामनवमी पर विष्णु सहस्रनाम के साथ श्री राम तारक मंत्र का जाप करें।
- मकर राशि के लोग श्रीरामाष्टकम का पाठ करें।
- कुंभ राशि के लोग श्री हनुमान गायत्री मंत्र के साथ श्री राम जय राम जय-जय राम का जाप करें।
- मीन राशि के लोग राम रक्षा स्तोत्र के साथ सुंदरकांड का पाठ करें।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।