
1237
पति की लंबी उम्र, घर में सुख, सौभाग्य और शांति के लिए महिलाएं करवा चौथ का विशेष व्रत रखती है। यह व्रत हिंदू महीने अश्विन के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस साल करवा चौथ का विशेष त्यौहार 20 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। करवा का अर्थ होता है मिट्टी का वह बर्तन जिस पर दीपक रखा रहता है। महिलाएं इस करवे में पानी भरती हैं और शाम में व्रत खोलने के समय इस बर्तन से ही पानी ग्रहण करती हैं। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत तोड़ती है।
करवा चौथ तिथि: रविवार, 20 अक्टूबर 2024
करवा चौथ पूजा मुहूर्त – शाम 06:00 बजे से शाम 07:10 बजे तक
करवा चौथ पर करवा माता की पूजा की जाती है। उनकी तस्वीर लेकर पूजा की थाली तैयार करें। शाम के समय महिलाएं पूरे परिवार के साथ करवा माता की पूजा करें। उनके लिए दीपदान करें और करवा चौथ व्रत की कथा सुनें। कथा सुनने के दौरान मिट्टी के करवे में जल भरकर रखें। मेहंदी, चुड़िया और भोग आदि माता को समर्पित करें। कथा सुनने के बाद करवे को दूसरी महिलाओं के साथ बदलने का भी रिवाज है। चंद्रमा के उदय होने के बाद इसी करवे से थोड़ा अर्घ्य दें। चंद्रमा की दीप जलाकर पूजा करें और दूध का भी अर्घ्य दें। चंद्रमा की पूजा के बाद पति के हाथ से पानी पीएं। घर के बड़ों का आशीर्वाद लें। इस पूजा में भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद जरूर लें।
स्थान चंद्रोदय
इंदौर 08:15 PM
जयपुर 08:05 PM
जम्मू 07:49 PM
कोलकाता 07:24 PM
लखनऊ 07:58 PM
मुंबई 08:46 PM
नागपुर 08:06 PM
नई दिल्ली 07:57 PM
अहमदाबाद 08:28 PM
बेंगलुरु 08:20 PM
चंडीगढ़ 07:50 PM
चेन्नई 08:29 PM
हैदराबाद 08:17 PM
पटना 07:29 PM
सूरत 08:32 PM
- यदि आप पूरे दिन खाए-पीए बिना नहीं रह सकती हैं, तो आप दिन में फ्रूट ज्यूस पी सकती हैं।
- करवा चौथ के दिन घर में किसी से भी मतभेद ना करें।
- व्रत के दौरान दिनभर बिस्तर पर लेटे ना रहें।
- काले वस्त्र पहनकर करवा चौथ की पूजा ना करें।
- करवा चौथ पूजा हमेशा लाल वस्त्रों में करें।
- महिलाएं इस दिन पूरा श्रृंगार करके करवा चौथ पूजा में भाग लें।
