
2026 में शनि का तीन राशियों पर बड़ा प्रभाव

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2026 में शनि का तीन राशियों पर बड़ा प्रभाव
शनि ग्रह का राशि परिवर्तन हमेशा महत्वपूर्ण होता है। जब भी शनि राशि बदलते हैं, तो कुछ राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव पड़ता है। इस साल 2026 में शनि मीन राशि में गोचर करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप मेष, मीन और कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव देखने को मिलेगा।
2026 में शनि का मीन राशि में गोचर
शनि 2026 के पूरे साल मीन राशि में रहेंगे। यह गोचर 2025 के मार्च महीने में शुरू हो चुका था, और 2026 में यह पूरा वर्ष मीन राशि में रहेगा। शनि का मीन में गोचर इन तीन राशियों पर साढ़ेसाती का असर डालेगा। शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं—पहला चरण सिर से, दूसरा पेट और नाभि क्षेत्र के आस-पास और तीसरा चरण पैर के आसपास होता है।
शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव
2026 में शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण निम्नलिखित राशियों पर होंगे:
- मेष राशि: शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण मेष राशि के जातकों पर प्रभाव डालेगा। इस चरण में मेष जातकों को कुछ आलस्य और काम को टालने की प्रवृत्ति का सामना हो सकता है। आर्थिक नुकसान और पारिवारिक तनाव के संकेत भी मिल सकते हैं।
- मीन राशि: मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण प्रभावी होगा। इस दौरान मीन जातकों को आर्थिक संकट और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना हो सकता है। व्यवसाय और नौकरी में भी कुछ कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं।
- कुंभ राशि: कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण होगा। इस दौरान मेहनत का पूरा परिणाम मिलेगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। इस समय शनि से परीक्षा की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, लेकिन मेहनत से सफलता मिल सकती है।
शनि की ढैय्या का असर
जब शनि चंद्र राशि से चौथे या आठवें भाव में गोचर करता है, तो शनि की ढैय्या का प्रभाव पड़ता है। यह ढैय्या ढाई साल तक रहती है और इसके प्रभाव से व्यक्ति को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 2026 में, शनि की ढैय्या से छुटकारा मिलने वाला समय मेष, मीन और कुंभ राशियों के लिए रहेगा। वहीं, सिंह और धनु राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव बना रहेगा।
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण 2026 के शुरुआत से शुरू होगा। इस समय वे आलसी हो सकते हैं और काम में विघ्न आने की संभावना होगी। आर्थिक नुकसान हो सकता है, और पारिवारिक जीवन में तनाव हो सकता है। हालांकि, अगर शनि की स्थिति कुंडली में अच्छी हो, तो यह समय बेहतर परिणाम भी दे सकता है।
मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव
मीन राशि के लिए शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण 2026 में प्रभावी होगा। इस समय आर्थिक समस्याएं और स्वास्थ्य के मुद्दे सामने आ सकते हैं। व्यवसाय और नौकरी में भी मुश्किलें आ सकती हैं। यदि आपकी कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में है, तो कुछ विशेष लाभ भी हो सकते हैं।
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव
- कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि की साढ़ेसाती का यह अंतिम चरण रहेगा। इस समय शनि आपकी मेहनत का पूरा फल देंगे, लेकिन खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। ध्यान रखें कि आप अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और फिजूलखर्ची से बचें।
- शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव कम करने के उपाय
- ऑफिस में अधीनस्थ कर्मचारियों का सम्मान करें।
- कुली, मजदूर या मेहनत करने वालों को समय-समय पर पानी पिलाएं।
- शनिवार के दिन काली चींटी को आटे में शकर डालकर खिलाएं।
- दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें।
- बुजुर्गों की सेवा करें।
यह उपाय शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं। ध्यान रखें कि अपने कर्मों में शुद्धता और ईमानदारी बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।