
शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग, देवी लक्ष्मी के साथ भोलेनाथ की कृपा होगी प्राप्त

1238

पूजा
शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग, इन उपायों से देवी लक्ष्मी के साथ भोलेनाथ की कृपा होगी प्राप्त
30 फरवरी शुक्रवार को प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का विधान होता है। वहीं, शुक्रवार का दिन हिंदू धर्म में देवी लक्ष्मी को समर्पित माना गया है। ऐसे में ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस खास तिथि पर कुछ उपाय करने से जीवन के दुखों से राहत मिल सकती है। साथ ही, भगवान शिव और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है।
शुभ है शुक्र प्रदोष व्रत
शुक्रवार का दिन धन की देवी लक्ष्मीजी को समर्पित माना गया है। इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। वहीं, इस बार शुक्रवार को प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। इसी के चलते यह दिन और भी खास रहेगा। ऐसे में अगर आप शुक्रवार के दिन कुछ विशेष उपाय कर लें तो इससे माता लक्ष्मी के साथ-साथ भोलेनाथ की भी कृपा प्राप्त हो सकती है। साथ ही, जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें शुक्रवार के उपाय...
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए शुक्र पूजा
शुक्रवार के दिन स्नानादि करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। इस दिन गुलाबी या चमकीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके पश्चात, शिव जी के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। सुबह माता लक्ष्मी को गुलाब के फूल अर्पित करें और तुलसी में जल जरूर चढ़ाएं। इसके पश्चात, शाम को माता लक्ष्मी की आरती में कपूर अवश्य शामिल करें और तुलसी के पास दीपक जलाएं। श्रद्धापूर्वक इस सरल उपाय को करने से जातक को देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है और घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है।
शिव प्रदोष पर पूजा में करें अभिषेक
शुक्रवार 30 जनवरी के दिन प्रदोष व्रत पड़ रहा है। इस दिन भोलेनाथ बहुत उदार होते हैं। ऐसे में प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का गंगाजल, शहद, दही आदि से अभिषेक करना चाहिए। साथ ही, उन्हें बेलपत्र जरूर अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं और जातक को उनकी विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। अभिषेक के पश्चात शिवजी की विधि विधान से पूजा और आरती भी जरूर करनी चाहिए।
शिव प्रदोष के कुछ आसान उपाय
यदि आप जीवन में एक के बाद एक समस्याओं या आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो शुक्रवार को एक उपाय आजमा सकते हैं। इसके लिए माता लक्ष्मी की पूजा करते समय उन्हें ताजे गुलाब के फूल के साथ कुछ पीली कौड़ियां अर्पित करें। इसके बाद 'ओम श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इस उपाय को करने से सुख सौभाग्य में वृद्धि होती है और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। पूजा के पश्चात कौड़ी को उठाकर किसी लाल रंग के कपड़े में बांधकर धन वाले स्थान पर रखें। इससे तिजोरी कभी खाली नहीं रहती है और जीवन की समस्याओं से राहत मिल सकती है।
शिव प्रदोष पर करें शिव के साथ माता पार्वती
प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और पार्वती माता की पूजा अवश्य करनी चाहिए। साथ ही, देवी को श्रृंगार का सामान अर्पित करें और 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। इस उपाय को करने से जातक को वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याओं से राहत मिल सकती है और पति-पत्नी का रिश्ता मधुर हो सकता है। प्रदोष व्रत के दिन शाम को प्रदोष काल में महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी अवश्य करना चाहिए। इससे जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है और तरक्की के नए मार्ग खुल सकते हैं।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।