श्री भद्रलक्ष्मी स्तवम्

श्री भद्रलक्ष्मी स्तवम्

श्रीदेवी प्रथमं नाम द्वितीयममृतोद्भवा ।
तृतीयं कमला प्रोक्ता चतुर्थं लोकसुन्दरी ॥ १ ॥

पञ्चमं विष्णुपत्नी च षष्ठं स्यात् वैष्णवी तथा ।
सप्तमं तु वरारोहा अष्टमं हरिवल्लभा ॥ २ ॥

नवमं शार्ङ्गिणी प्रोक्ता दशमं देवदेविका ।
एकादशं तु लक्ष्मीः स्यात् द्वादशं श्रीहरिप्रिया ॥ ३ ॥

श्रीः पद्मा कमला मुकुन्दमहिषी लक्ष्मीस्त्रिलोकेश्वरी ।
मा क्षीराब्धिसुता विरिञ्चिजननी विद्या सरोजासना ॥ ४ ॥

सर्वाभीष्टफलप्रदेति सततं नामानि ये द्वादशा ।
प्रातः शुद्धतराः पठन्ति सततं सर्वान् लभन्ते शुभान् ॥ ५ ॥

भद्रलक्ष्मी स्तवं नित्यं पुण्यमेतच्छुभावहम् ।
काले स्नात्वापि कावेर्यां जप श्रीवृक्षसन्निधौ ॥ ६ ॥

इति श्री भद्रलक्ष्मी स्तवम् ॥


लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

कैटेगरी

आपके लिए रिपोर्ट्स

    अनुशंसित पूजा

      Ask Question

      आपके लिए खरीदारी

      आपके लिए रिपोर्ट्स

      त्रिलोक ऐप में आपका स्वागत है!

      image