श्री भद्रकाली स्तुतिः

श्री भद्रकाली स्तुतिः

श्री भद्रकाली स्तुति का पाठ घर पर मां भद्रकाली की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर, स्वच्छ वस्त्र पहनकर और पूर्ण श्रद्धा से करना चाहिए; इसे मंगलवार, शुक्रवार, अमावस्या या नवरात्रि में विशेष रूप से पढ़ना शुभ माना जाता है। इस स्तुति के नियमित पाठ से भय, नकारात्मक शक्तियाँ और बाधाएँ दूर होती हैं, मानसिक शांति, साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है, जीवन में समृद्धि, सुरक्षा और पारिवारिक सुख आता है तथा साधक पर देवी भद्रकाली की दिव्य कृपा और संरक्षण स्थापित होता है।

 

 

 

ब्रह्मविष्णु ऊचतुः ।
नमामि त्वां विश्वकर्त्रीं परेशीं
नित्यामाद्यां सत्यविज्ञानरूपाम् ।
वाचातीतां निर्गुणां चातिसूक्ष्मां
ज्ञानातीतां शुद्धविज्ञानगम्याम् ॥ १ ॥

पूर्णां शुद्धां विश्वरूपां सुरूपां
देवीं वन्द्यां विश्ववन्द्यामपि त्वाम् ।
सर्वान्तःस्थामुत्तमस्थानसंस्था-
-मीडे कालीं विश्वसम्पालयित्रीम् ॥ २ ॥

मायातीतां मायिनीं वापि मायां
भीमां श्यामां भीमनेत्रां सुरेशीम् ।
विद्यां सिद्धां सर्वभूताशयस्था-
-मीडे कालीं विश्वसंहारकर्त्रीम् ॥ ३ ॥

नो ते रूपं वेत्ति शीलं न धाम
नो वा ध्यानम् नापि मन्त्रं महेशि ।
सत्तारूपे त्वां प्रपद्ये शरण्ये
विश्वाराध्ये सर्वलोकैकहेतुम् ॥ ४ ॥

द्यौस्ते शीर्षं नाभिदेशो नभश्च
चक्षूंषि ते चन्द्रसूर्यानलास्ते ।
उन्मेषास्ते सुप्रबोधो दिवा च
रात्रिर्मातश्चक्षुषोस्ते निमेषम् ॥ ५ ॥

वाक्यं देवा भूमिरेषा नितम्बं
पादौ गुल्फं जानुजङ्घस्त्वधस्ते ।
प्रीतिर्धर्मोऽधर्मकार्यं हि कोपः
सृष्टिर्बोधः संहृतिस्ते तु निद्रा ॥ ६ ॥

अग्निर्जिह्वा ब्राह्मणास्ते मुखाब्जं
सन्ध्ये द्वे ते भ्रूयुगं विश्वमूर्तिः ।
श्वासो वायुर्बाहवो लोकपालाः
क्रीडा सृष्टिः संस्थितिः संहृतिस्ते ॥ ७ ॥

एवम्भूतां देवि विश्वात्मिकां त्वां
कालीं वन्दे ब्रह्मविद्यास्वरूपाम् ।
मातः पूर्णे ब्रह्मविज्ञानगम्ये
दुर्गेऽपारे साररूपे प्रसीद ॥ ८ ॥

इति श्रीमहाभागवते महापुराणे ब्रह्मविष्णुकृता श्री भद्रकाली स्तुतिः ।


लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

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