श्री दामोदर स्तोत्रम्

श्री दामोदर स्तोत्रम्

सिन्धुदेशोद्भवो विप्रो नाम्ना सत्यव्रतः सुधीः ।
विरक्त इन्द्रियार्थेभ्यस्त्यक्त्वा पुत्रगृहादिकम् ॥ १ ॥

वृन्दावने स्थितः कृष्णमारराध दिवानिशम् ।
निःस्वः सत्यव्रतो विप्रो निर्जनेऽव्यग्रमानसः ॥ २ ॥

कार्तिके पूजयामास प्रीत्या दामोदरं नृप ।
तृतीयेऽह्नि सकृद्भुङ्क्ते पत्रं मूलं फलं तथा ॥ ३ ॥

एवं भावसमायुक्तो भक्त्या तद्गतमानसः ।
पूजयित्वा हरिं स्तौति प्रीत्या दामोदराभिधम् ॥ ४ ॥

सत्यव्रत उवाच ।
नमामीश्वरं सच्चिदानन्दरूपं
लसत्कुण्डलं गोकुले भ्राजमानम् ।
यशोदाभियोलूखले धावमानं
परामृष्टमत्यन्ततो दूतगोप्या ॥ ५ ॥

रुदन्तं मुहुर्नेत्रयुग्मं मृजन्तं
कराम्भोजयुग्मेन सातङ्कनेत्रम् ।
मुहुः श्वासकं पत्रिरेखाङ्ककण्ठं
स्थितं नौमि दामोदरं भक्तवन्द्यम् ॥ ६ ॥

वरं देव देहीश मोक्षावधिं वा
न चान्यं वृणेऽहं वरेशादपीह ।
इदं ते वपुर्नाथ गोपालबालं
सदा मे मनस्याविरास्तां किमन्यैः ॥ ७ ॥

इदं ते मुखाम्भोजमत्यन्तनीलै-
-र्वृतं कुन्तलैः स्निग्धवक्त्रैश्च गोप्या ।
मुहुश्चुम्बितं बिम्बरक्ताधरं मे
मनस्याविरास्तामलं लक्षलाभैः ॥ ८ ॥

नमो देव दामोदरानन्त विष्णो
प्रसीद प्रभो दुःखजालाब्धिमग्नम् ।
कृपादृष्टिवृष्ट्याऽतिदीनं च रक्ष
गृहाणेश मामज्ञमेवाक्षिदृश्यम् ॥ ९ ॥

कुबेरात्मजौ वृक्षमूर्ती च यद्व-
-त्त्वया मोचितौ भक्तिभाजौ कृतौ च ।
तथा प्रेमभक्तिं स्वकां मे प्रयच्छ
न मोक्षे ग्रहो मेऽस्ति दामोदरेह ॥ १० ॥

नमस्ते सुधाम्ने स्फुरद्दीप्तधाम्ने
तथोरःस्थविश्वस्य धाम्ने नमस्ते ।
नमो राधिकायै त्वदीयप्रियायै
नमोऽनन्तलीलाय देवाय तुभ्यम् ॥ ११ ॥

नारद उवाच ।
सत्यव्रतद्विजस्तोत्रं श्रुत्वा दामोदरो हरिः ।
विद्युल्लीलाचमत्कारो हृदये शनकैरभूत् ॥ १२ ॥

इति श्रीमहापुराणे सत्यव्रतकृत श्री दामोदर स्तोत्रम् ।


लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

कैटेगरी

आपके लिए रिपोर्ट्स

    अनुशंसित पूजा

      Ask Question

      आपके लिए खरीदारी

      आपके लिए रिपोर्ट्स

      त्रिलोक ऐप में आपका स्वागत है!

      image