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मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः
भगवान श्री हनुमान को नमन, जो भगवान श्रीराम के दिव्य दूत हैं। यह मंत्र भय, शंका और दुःखों को दूर करता है तथा साहस, बुद्धि और भक्ति प्रदान करता है। हनुमानजी की कृपा से नकारात्मकता समाप्त होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
ॐ अंजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥
हम अंजना पुत्र, वायुपुत्र श्री हनुमान का ध्यान करते हैं। वे हमें शक्ति, ज्ञान और विवेक प्रदान करें और धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा दें।
ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा॥
हे रुद्रावतार श्री हनुमान! आप श्रीराम के दूत हैं। हमारे सभी शत्रुओं का नाश करें, रोगों को दूर करें और हमें सफलता तथा शक्ति प्रदान करें। हम आपको नमन करते हैं, हे विघ्नहर्ता।
ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा॥
हुं हनुमते नमः
ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा॥
ॐ हुं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्॥
ॐ ऐं भ्रीम् हनुमते श्री रामदूताय नमः॥
यह बीज मंत्र हनुमानजी की दिव्य ऊर्जा का स्रोत है। इससे साहस, शक्ति और भक्ति की प्राप्ति होती है तथा सभी प्रकार की नकारात्मकता समाप्त होती है।
त्वमस्मिन कार्यनिर्योगे प्रमाणं हरिसत्तम। हनुमन् यत्नमास्थाय दुःखक्षयकरो भव॥
हे श्रीराम भक्त श्रेष्ठ हनुमान! हमारे कार्य सिद्ध करने में कृपाकर मार्गदर्शन करें। हमारे सभी दुःख और अवरोध दूर हों तथा हर प्रयास सफल हो।
ॐ गुरुजी को आदेश, गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे न धीर, बजे शृंगी, बजे तुरुतुरी, आया गोरखनाथ! मीन का पुत्र, मुंज का छड़ा, लोहे का कड़ा, हमारी पीठ पीछे यति हनुमंत खड़ा, शब्द संचा, पिंड कच्चा, स्फुरो मंत्र, ईश्वरो वाचा॥
ॐ नमो, बज्र का कोठा, जिस पर पिंड हमारा पेठा, ईश्वर कुंजी, ब्रह्म का ताला, हमारे आठों अंगों का जती हनुमंत रखवाला॥
ॐ नमो, आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वंगरे, सजे मूँधे आन खड़ा॥
ॐ पीर बजरंगी, राम-लखन के संगी, जहाँ-जहाँ जाएं विजय के डंका बजाएं, दुहाई माता अंजनी की आन॥
ॐ हुं हनुमते नमः॥
ॐ नमो भगवते हनुमते नमः॥
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
ॐ हुं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्॥
