श्री हाटकेश्वराष्टकम्

श्री हाटकेश्वराष्टकम्

आप श्री हाटकेश्वराष्टकम् का पाठ प्रातः या सायंकाल, विशेषकर सोमवार, शुक्रवार, प्रदोष या किसी भी शुभ तिथि पर शांत मन से कर सकते हैं। इसे हाटकेश्वर या शिवलिंग के सामने दीपक जलाकर, जल या दूध अर्पित कर और भगवान हाटकेश्वर का स्मरण करते हुए पढ़ना श्रेष्ठ माना जाता है। इस स्तोत्र के पाठ से साधक को भय, मानसिक अशांति, रोग और जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं। यह स्तोत्र स्वास्थ्य, धन, दीर्घायु, आध्यात्मिक उन्नति और कार्यसिद्धि प्रदान करता है। परिवार में सौहार्द बढ़ता है, व्यवसाय और नौकरी में सफलता मिलती है, और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। हाटकेश्वर की कृपा से राहु, केतु, शनि और अन्य ग्रहों के दोष शांत होते हैं और जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और मानसिक शांति आती है।

 

 

 

जटातटान्तरोल्लसत्सुरापगोर्मिभास्वरं
ललाटनेत्रमिन्दुनाविराजमानशेखरम् ।
लसद्विभूतिभूषितं फणीन्द्रहारमीश्वरं
नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ १ ॥

पुरान्धकादिदाहकं मनोभवप्रदाहकं
महाघराशिनाशकं अभीप्सितार्थदायकम् ।
जगत्त्रयैककारकं विभाकरं विदारकं
नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ २ ॥

मदीय मानसस्थले सदाऽस्तु ते पदद्वयं
मदीय वक्त्रपङ्कजे शिवेति चाक्षरद्वयम् ।
मदीय लोचनाग्रतः सदाऽर्धचन्द्रविग्रहं
नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ ३ ॥

भजन्ति हाटकेश्वरं सुभक्तिभावतोत्रये
भजन्ति हाटकेश्वरं प्रमाणमात्र नागराः ।
धनेन तेज साधिकाः कुलेन चाऽखिलोन्नताः
नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ ४ ॥

सदाशिवोऽहमित्यहर्निशं भजेत यो जनाः
सदा शिवं करोति तं न संशयोऽत्र कश्चन ।
अहो दयालुता महेश्वरस्य दृश्यतां बुधा
नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ ५ ॥

धराधरात्मजापते त्रिलोचनेश शङ्करं
गिरीश चन्द्रशेखराऽहिराजभूषणेश्वरः ।
महेश नन्दिवाहनेति सङ्घटन्नहर्निशं
नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ ६ ॥

महेश पाहि मां मुदा गिरीश पाहि मां सदा
भवार्णवे निमज्जतस्त्वमेव मेऽसि तारकः ।
करावलम्बनं झटित्यहोऽधुना प्रदीयतां
नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ ७ ॥

धराधरेश्वरेश्वरं शिवं निधीश्वरेश्वरं
सुरासुरेश्वरं रमापतीश्वरं महेश्वरम् ।
प्रचण्ड चण्डिकेश्वरं विनीत नन्दिकेश्वरं
नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ ८ ॥

हाटकेशस्य भक्त्या यो हाटकेशाष्टकं पठेत् ।
हाटकेश प्रसादेन हाटकेशत्वमाप्नुयात् ॥ ९ ॥

इति श्री हाटकेश्वराष्टकम् ।


लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

कैटेगरी

आपके लिए रिपोर्ट्स

    अनुशंसित पूजा

      Ask Question

      आपके लिए खरीदारी

      आपके लिए रिपोर्ट्स

      त्रिलोक ऐप में आपका स्वागत है!

      image