
श्री मनसा देवी मूलमन्त्रम्

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देवी स्तोत्र
ध्यानम् ।
श्वेतचम्पकवर्णाभां रत्नभूषणभूषिताम् ।
वह्निशुद्धांशुकाधानां नागयज्ञोपवीतिनीम् ॥ १ ॥
महाज्ञानयुतां चैव प्रवरां ज्ञानिनां सताम् ।
सिद्धाधिष्टातृदेवीं च सिद्धां सिद्धिप्रदां भजे ॥ २ ॥
पञ्चोपचार पूजा ।
ओं नमो मनसायै – गन्धं परिकल्पयामि ।
ओं नमो मनसायै – पुष्पं परिकल्पयामि ।
ओं नमो मनसायै – धूपं परिकल्पयामि ।
ओं नमो मनसायै – दीपं परिकल्पयामि ।
ओं नमो मनसायै – नैवेद्यं परिकल्पयामि ।
मूलमन्त्रम् ।
ओं ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं मनसादेव्यै स्वाहा ॥
इति श्रीब्रह्मवैवर्ते महापुराणे प्रकृतिखण्डे षट्चत्वारिंशत्तमोऽध्याये द्वादशाक्षर मूलमन्त्रम् ॥
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