नारायण मंत्र

नारायण मंत्र

नारायण मंत्र

1. ॐ नमो नारायणाय
मंत्र: ॐ नमो नारायण। श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी। श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय नमः।
अर्थ: हे प्रभु नारायण! आप दया और करुणा के सागर हैं। मेरे सभी दुःखों का नाश करें, मेरे दोषों को दूर करें और मुझे सच्ची भक्ति प्रदान करें। हे वासुदेव, मेरी रक्षा करें।

2. कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने
मंत्र: कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेश नाशाय गोविंदाय नमो नमः।
अर्थ: हे परमात्मा श्रीकृष्ण! आप समस्त कष्टों के नाशक हैं। मैं बार-बार आपको प्रणाम करता हूँ। आपके स्मरण मात्र से सभी क्लेश समाप्त हो जाते हैं।

3. नारायणाय विद्यमह
मंत्र: नारायणाय विद्यमह, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।
अर्थ: हे प्रभु नारायण! आप ज्ञान और बुद्धि के दाता हैं। हमारे मन को पवित्र करें और हमें सत्य व प्रकाश की ओर प्रेरित करें।

4. धन्वंतरि नारायण मंत्र
मंत्र: ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतर्ये अमृतकलश हस्ताय सर्वभय विनाशाय सर्वरोग निवारणाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूपाय श्री धन्वंतरी स्वरूपाय नमः।
अर्थ: हे भगवान धन्वंतरि! आप अमृतकलश धारण करने वाले, तीनों लोकों के स्वामी और समस्त रोगों के नाशक हैं। कृपया हमें स्वास्थ्य, दीर्घायु और भयमुक्त जीवन प्रदान करें।

5. शान्ताकारं भुजगशयनं
मंत्र: शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं। विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्। वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।
अर्थ: मैं भगवान विष्णु को नमन करता हूँ जो शेषनाग पर शयन करते हैं, जो शांत और सर्वव्यापक हैं, जिनका रूप मेघ के समान सुंदर और सौम्य है। वे लक्ष्मीपति, योगियों के ध्यान का विषय और जन्म-मृत्यु के भय का नाश करने वाले हैं।


नारायण का महत्व

भगवान विष्णु, जिन्हें श्री हरि या नारायण कहा जाता है, सृष्टि के पालनकर्ता हैं। ब्रह्मा सृष्टि के रचयिता, शिव संहारक और विष्णु पालनकर्ता माने गए हैं। नारायण का स्वरूप संतुलन, दया और धर्म की रक्षा का प्रतीक है।

“नारायण” शब्द “नर” (जल या जीव) और “आयन” (आश्रय या निवास) से बना है, जिसका अर्थ है — जो सभी प्राणियों और सृष्टि में व्याप्त हैं। विष्णु पुराण और भागवत पुराण में भगवान नारायण के 24 अवतारों का उल्लेख मिलता है, जिनमें श्रीकृष्ण को पूर्णावतार माना गया है।

कहा जाता है कि जो व्यक्ति भगवान नारायण की आराधना करता है, उसे पिछले और वर्तमान जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। विशेष रूप से गुरुवार का दिन नारायण पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन पूजा करने से विष्णु-लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।


नारायण मंत्र जाप की विधि

  1. प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें।
  2. पूर्व दिशा की ओर मुख करके हल्दी मिश्रित जल सूर्यदेव को अर्पित करें और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
  3. अपने घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में पीले वस्त्र पर भगवान नारायण की प्रतिमा स्थापित करें।
  4. घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएँ।
  5. भगवान को पीले फूल, हल्दी का तिलक और पीले रंग के मिठाई अर्पित करें।
  6. तुलसी या चंदन की माला से मंत्र का जाप करें और मन को एकाग्र रखें।

नारायण मंत्र जाप के लाभ

  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
  • आर्थिक संकट दूर होते हैं और समृद्धि आती है।
  • मन की अशुद्धियाँ और पाप नष्ट होते हैं।
  • वैवाहिक जीवन में सौहार्द और सुख बढ़ता है।
  • स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

मंत्र जाप के नियम एवं सावधानियाँ

  • मंत्र जाप ब्रह्ममुहूर्त या गुरुवार के दिन करना श्रेष्ठ माना गया है।
  • मंत्र का उच्चारण शुद्ध और स्पष्ट हो।
  • जाप के समय प्याज, लहसुन, मदिरा आदि तामसिक भोजन से दूर रहें।
  • जाप के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • सिरस, धतूरा, अकौवा, सेमल या अमलतास के फूल अर्पित न करें।
  • भगवान नारायण की पूजा में अक्षत (कच्चे चावल) का उपयोग न करें।

आध्यात्मिक महत्त्व

नियमित रूप से नारायण मंत्र का जाप करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। “ॐ नमो नारायणाय” के उच्चारण से भक्त का आत्मा ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ता है। भगवान नारायण की कृपा से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं, मन शुद्ध होता है और अंततः आत्मा मोक्ष की ओर अग्रसर होती है।


लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

कैटेगरी

आपके लिए रिपोर्ट्स

    अनुशंसित पूजा

      Ask Question

      आपके लिए खरीदारी

      आपके लिए रिपोर्ट्स

      त्रिलोक ऐप में आपका स्वागत है!

      image