श्री पार्वती पञ्चकम् – २

श्री पार्वती पञ्चकम् – २

विनोदमोदमोदिता दयोदयोज्ज्वलान्तरा
निशुम्भशुम्भदम्भदारणे सुदारुणाऽरुणा ।
अखण्डगण्डदण्डमुण्डमण्डलीविमण्डिता
प्रचण्डचण्डरश्मिरश्मिराशिशोभिता शिवा ॥ १ ॥

अमन्दनन्दिनन्दिनी धराधरेन्द्रनन्दिनी
प्रतीर्णशीर्णतारिणी सदार्यकार्यकारिणी ।
तदन्धकान्तकान्तकप्रियेशकान्तकान्तका
मुरारिकामचारिकाममारिधारिणी शिवा ॥ २ ॥

अशेषवेषशून्यदेशभर्तृकेशशोभिता
गणेशदेवतेशशेषनिर्निमेषवीक्षिता ।
जितस्वशिञ्जिताऽलिकुञ्जपुञ्जमञ्जुगुञ्जिता
समस्तमस्तकस्थिता निरस्तकामकस्तवा ॥ ३ ॥

ससम्भ्रमं भ्रमं भ्रमं भ्रमन्ति मूढमानवा
मुदा बुधाः सुधां विहाय धावमानमानसाः ।
अधीनदीनहीनवारिहीनमीनजीवना
ददातु शम्प्रदाऽनिशं वशंवदार्थमाशिषम् ॥ ४ ॥

विलोललोचनाञ्चितोचितैश्चिता सदा गुणै-
-रपास्यदास्यमेवमास्यहास्यलास्यकारिणी ।
निराश्रयाऽऽश्रयाश्रयेश्वरी सदा वरीयसी
करोतु शं शिवाऽनिशं हि शङ्कराङ्कशोभिनी ॥ ५ ॥

इति श्रीमच्छङ्कराचार्य विरचितं श्री पार्वती पञ्चकम् ।


लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

कैटेगरी

आपके लिए रिपोर्ट्स

    अनुशंसित पूजा

      Ask Question

      आपके लिए खरीदारी

      आपके लिए रिपोर्ट्स

      त्रिलोक ऐप में आपका स्वागत है!

      image