श्री तुलजा भवानी स्तोत्रम्

श्री तुलजा भवानी स्तोत्रम्

नमोऽस्तु ते महादेवि शिवे कल्याणि शाम्भवि ।
प्रसीद वेदविनुते जगदम्ब नमोऽस्तु ते ॥ १ ॥

जगतामादिभूता त्वं जगत्त्वं जगदाश्रया ।
एकाऽप्यनेकरूपासि जगदम्ब नमोऽस्तु ते ॥ २ ॥

सृष्टिस्थितिविनाशानां हेतुभूते मुनिस्तुते ।
प्रसीद देवविनुते जगदम्ब नमोऽस्तु ते ॥ ३ ॥

सर्वेश्वरि नमस्तुभ्यं सर्वसौभाग्यदायिनि ।
सर्वशक्तियुतेऽनन्ते जगदम्ब नमोऽस्तु ते ॥ ४ ॥

विविधारिष्टशमनि त्रिविधोत्पातनाशिनि ।
प्रसीद देवि ललिते जगदम्ब नमोऽस्तु ते ॥ ५ ॥

प्रसीद करुणासिन्धो त्वत्तः कारुणिका परा ।
यतो नास्ति महादेवि जगदम्ब नमोऽस्तु ते ॥ ६ ॥

शत्रून् जहि जयं देहि सर्वान्कामांश्च देहि मे ।
भयं नाशय रोगांश्च जगदम्ब नमोऽस्तु ते ॥ ७ ॥

जगदम्ब नमोऽस्तु ते हिते
जय शम्भोर्दयिते महामते ।
कुलदेवि नमोऽस्तु ते सदा
हृदि मे तिष्ठ यतोऽसि सर्वदा ॥ ८ ॥

तुलजापुरवासिन्या देव्याः स्तोत्रमिदं परम् ।
यः पठेत्प्रयतो भक्त्या सर्वान्कामान्स आप्नुयात् ॥ ९ ॥

इति श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रीवासुदेवानन्दसरस्वती विरचितं श्रीतुलजापुरवासिन्या देव्याः स्तोत्रं सम्पूर्णम् ।


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