
श्री विघ्नेश्वर षोडशनाम स्तोत्रम्

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गणेश स्तोत्र
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सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः ।
लम्बोदरश्च विकटो विघ्नराजो विनायकः ॥ १ ॥ [गणाधिपः]
धूमकेतुर्गणाध्यक्षः फालचन्द्रो गजाननः ।
वक्रतुण्डः शूर्पकर्णो हेरम्बः स्कन्दपूर्वजः ॥ २ ॥
षोडशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि ।
विद्यारम्भे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा ।
सङ्ग्रामे सर्वकार्येषु विघ्नस्तस्य न जायते ॥ ३ ॥
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