
सूर्य की युति - किस ग्रह के साथ क्या फल मिलता है ?

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ज्योतिष
सूर्य की युति - किस ग्रह के साथ क्या फल मिलता है ?
सूर्य में से निकलने वाली किरणें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अन्य ग्रहों को प्रकाशित करती है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह का प्रभाव महत्वपूर्ण कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य यानी आत्मा और चंद्रमा यानी मन। कई बार जब ग्रह सूर्य के अत्यधिक पास होते हैं, तो वे अस्त हो जाते हैं। अस्त ग्रह अपना कोई विशेष फल नहीं दे पाते हैं, लेकिन यह एक निश्चित डिग्री तक होता है। जब कुंडली में सूर्य की युति किसी अन्य ग्रह के साथ बनती है, तो क्या फल मिलता है, जानते हैं
सूर्य और चंद्र की युति
ज्योतिष के दृष्टि देखें, तो सूर्य और चंद्रमा की बात करें तो सूर्य-चंद्र की युति जातक को दृढ़ निश्चयी बनाती है। यहां पर चंद्रमा सूर्य के कारकत्व को बढ़ा देता है। यदि चंद्रमा अस्तबल से कमजोर नहीं है, तो यह युति काफी अच्छी मानी जाती है।
सूर्य और मंगल की युति
सूर्य और मंगल दो गरम ग्रह है। जब ये दोनों ग्रह आपस में साथ आते हैं, तो जातक बहुत गुस्सैल किस्म के होते हैं। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी करते हैं, जिसकी वजह से बहुधा अपनी टांग पर स्वयं ही कुल्हाड़ी मार लेते हैं। मुसीबत मोल ले लेते हैं।
सूर्य और बुध की युति
सूर्य की युति जब बुध के साथ हो तो यह योग बुधादित्य योग बनाता है। ग्रहों की ऐसे युति वाले जातक निर्णय लेने में अत्यंत अडिग होते हैं। पिता और पुत्र दोनों की शैक्षणिक योग्यता अच्छी होती है। समाज में प्रतिष्ठित रहता है। यह योग व्यक्ति को बुद्धिमान बनाता है।
सूर्य और गुरु की युति
सूर्य और गुरु अगर कुंडली में अगर एक साथ हो तो बहुत ही अच्छे आध्यात्मिक योग का निर्माण होता है। वेदों में सूर्य को आत्मा और गुरु को आंतरिक बुद्धि यानी अंतर्मन कहा गया है। सूर्य की युति गुरु के साथ हो, तो जातक को धर्म और अध्यात्म की ओर ले जाती है। इस युति का नकारात्मक पक्ष केवल इतना रहता है कि इससे जातक जिद्दी सा हो जाता है।
सूर्य की युति - शुक्र
सूर्य की युति शुक्र यदि कुंडली में साथ आ जाए तो क्या कहने ! शुक्र जीवन की उमंग है तो सूर्य उसको देने वाली ऊर्जा। कुंडली में एेसे गुणों वाला जातक अपनी लाइफ को रॉयल यानी शाही तरीके से जीता है। हालांकि, पर्सनल लाइफ में मनमुटाव और असंतोष की भावना पैदा होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जातक यदि अपनी लालसाओं पर काबू नहीं रख पाता तो वह विलासी, सौंदर्य प्रिय और स्त्री प्रिय होकर चीजों पर धन लुटाता रहता है।
सूर्य और शनि की युति
सूर्य और शनि की युति होने पर यानी सूर्य और शनि यदि कुंडली में साथ बैठ जाएं तो शापित दोष बना लेते हैं। कई बार ऐसे जातक के जीवन के अधिकांश भाग में संघर्षपूर्ण स्थिति पैदा हो जाती है। यहां दिलचस्प बात यह है कि पुराणों के अनुसार सूर्य और शनि के पिता-पुत्र के संबंध होने पर भी एक दूसरे के शत्रु हैं। इस प्रकार से पिता-पुत्र के बीच वैर व नाराजगी बढ़ जाने की आशंका बढ़ जाती है। नौकरीपेशा लोगों का वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद और असंतोष पैदा होता है।
सूर्य और राहु की युति
सूर्य की युति राहु के साथ हो, तो ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण योग बना लेते हैं। अगर ये डिग्रीकल (अंशात्मक) नजदीक हो और यह दोष कुंडली में 2, 6, 8 या 12वें भाव में बन रहा हो तो पितृदोष भी बनाता है। ऐसे जातक को अपने जीवन के तमाम क्षेत्रों में अवरोध का सामना करना पड़ता है। मुसीबतों के पीछा न छोड़ने की वजह से जातक का अपने ऊपर से से भी आत्मविश्वास उठ जाता है।
सूर्य और केतु की युति
सूर्य और केतु के साथ होने पर जातक के अंदर सूर्य के गुणों में कमी आ जाती है। वह मूर्ख, चंचल दिमाग का अस्थिर, विचित्र प्रवृत्ति, अन्याय का साथ देने वाला, हानिकारक एवं शंकालु स्वभाव का होता है। हालांकि यदि सूर्य की युति केतु के साथ वाले जातक आध्यात्मिक उन्नति करें, तो सफल हो भी सकते हैं।
इस प्रकार से आपने देखा कि कुंडली में सूर्य की अलग-अलग ग्रहों के साथ युति का परिणाम भिन्न-भिन्न होता है। अगर जातक की कुंडली में यह सूर्य शक्ति वाला हो तो सरकारी नौकरी मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। समाज में यश-कीर्ति, मान-प्रतिष्ठा का हकदार बन जाता है। लेकिन, यदि यही सूर्य आपकी कुंडली में दुर्बल और शक्तिहीन होकर पड़ा है तो यह जातक के लिए स्वास्थ्य की समस्या खड़ी कर सकता है। ध्यान रहे – सूर्य पीड़ित होने पर जातक की आंखों में पीड़ा, सरदर्द, हृदय की धड़कनों में अनियमितता के साथ ही पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या आदि को उपजा सकता है।
लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक
त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।
प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।