ज्योतिष में सूर्य - किस भाव में देता है क्या प्रभाव ?

ज्योतिष में सूर्य - किस भाव में देता है क्या प्रभाव ?

ज्योतिष में सूर्य - किस भाव में देता है क्या प्रभाव ?

सूर्य को जीवन माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है। सूर्य आत्मा भी है। जन्म कुंडली में सूर्य अलग अलग भाव में अलग अलग फल देते हैं। कुंडली में यदि सूर्य मजबूत होते हैं, तो जीवन में कई तरह के सुख प्राप्त होते हैं। जानते हैं किस भाव में सूर्य क्या प्रभाव देते हैं -

पहले भाव में सूर्य

जन्म कुंडली के पहले भाव में सूर्य का होना अच्छा माना गया है। जिन लोगों की जन्म कुंडली में सूर्य पहले भाव में विराजमान हों तो ऐसे जातक साहसी होते हैं। इनमें राजाओं की तरह गुण पाए जाते हैं। धन के मामले में इनकी स्थिति अच्छी रहती है। सभी प्रकार के सुखों को भोगते हैं।

दूसरे भाव में सूर्य

दूसरे भाव में सूर्य बैठकर व्यक्ति को स्वाभिमानी बनाते हैं। ऐसे लोगों की परिवार के अन्य सदस्यों से कम बनती है। ऐसे लोग व्यापार के क्षेत्र में अधिक सफल होते हैं. लोहे और तांबे से जुड़े व्यापार में इन्हें विशेष सफलता मिलती है।

तीसरे भाव में सूर्य

तीसरे भाव में सूर्य व्यक्ति को आत्मविश्वास देते हैं। जन्म कुंडली के जब तीसरे भाव में सूर्य देव विराजमान हो जाते हैं, तो व्यक्ति साहसी होता है। ऐसे जातक अपनी मेहनत से सफलता को प्राप्त करते हैं। सरकारी नौकरी से ऐसे लोग विशेष लाभ लेते हैं।

ज्योतिष में सूर्य - चौथे भाव में

चौथा भाव सूर्य चौथे भाव में हों तो व्यक्ति जिस क्षेत्र में होते हैं वे उच्च पद प्राप्त करते हैं। इसके लिए अन्य ग्रहों की स्थिति और दृष्टि को भी देखा जाता है। ऐसे लोग अपनी पैतृक संपत्ति का उपभोग नहीं कर पाते हैं। कुछ विद्वानों के अनुसार सूर्य इस भाव में कमजोर माने गए हैं।

पांचवें भाव में सूर्य

पांचवें भाव में सूर्य मिला-जुला फल प्रदान करते हैं। सूर्य इस भाव में बैठकर व्यक्ति को बुद्धिमान बनाते हैं. इस भाव में पंचमेश सूर्य के साथ बुध और गुरु अगर अस्त हो जाएं तो ये शुभ फल नहीं देते हैं। व्यापार के मामले में इस भाव के सूर्य विशेष फल देने वाले माने गए हैं।

छठे भाव में सूर्य

छठा भाव इस भाव में सूर्य बैठकर व्यक्ति को आर्थिक रूप से संपंन बनाते हैं लेकिन नेत्र रोग भी देते हैं। ऐसे लोग समाज में सम्मान प्राप्त करते हैं। इस भाव में सूर्य अच्छा फल प्रदान करते हैं। राजा के तरह ऐसे लोग जीवन व्यतीत करते हैं। ऐसे लोग शून्य से शिखर तक पहुंचते हैं।

ज्योतिष में सूर्य - सातवें भाव में सूर्य

सातवें भाव में सूर्य जब इस भाव में बैठ जाते हैं तो यह दांपत्य जीवन को प्रभावित करते हैं। ऐसे व्यक्ति उच्च पद को प्राप्त करते हैं, लेकिन ऐेसे लोगों को रोग होने का खतरा बना रहता है। इस भाव का सूर्य व्यापार के लिए भी उत्तम माना गया है।

आठवें भाव में सूर्य

आठवें भाव में सूर्य व्यक्ति को अचानक लाभ प्रदान करता है। ऐसे व्यक्ति दिखावा नहीं करते हैं। शांति से जीवन जीने को प्राथमिकता देते है। नेत्र संबंधी दिक्कतें सूर्य इस भाव में बैठकर प्रदान करते हैं। ऐसे व्यक्तिओं को नियमों का पालन करना चाहिए।

नवम भाव में सूर्य

नवम भाव जन्म कुंडली के नवम भाव में सूर्य व्यक्ति को कर्मठ बनाता है। ये बड़ी पदों पर विराजमान होते हैं। ऐसे लोग हर कार्य को बहुत अच्छे ढंग से करते हैं। ऐसे व्यक्ति की सोच पिता से भी बेहद प्रभावित होती है।

दशम भाव में सूर्य

दशम भाव में सूर्य इस भाव में बैठकर अच्छा फल प्रदान करते हैं। ऐसे लोग उच्चाधिकारी होते हैं। सरकारी नौकरी का योग भी बनाते हैं। इस भाव में सूर्य राजयोग का निर्माण करते हैं। ऐसे लोग हर प्रकार के प्राप्त करते हैं। सम्मान भी प्राप्त करते हैं।

एकादश भाव में सूर्य

एकादश भाव जब सूर्य 11 वें भाव में विराजमान होते हैं तो जातक को बुद्धिमान बनाते हैं। ऐसे जातक अपनी बुद्धि से सबकुछ प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे लोग प्रभावशाली होते हैं, इनका हर क्षेत्र में अच्छा दखल होता है।

बारहवें भाव में सूर्य

बारहवें भाव में सूर्य इस भाव बहुत शुभ फलदायी नहीं माने गए हैं। हालांकि ऐसे लोगों को विदेश से अच्छा लाभ होता है। 12 वे भाव का सूर्य व्यक्ति को विदेश गमन करता है। ऐसे लोग जिद्दी स्वभाव के भी होते हैं, जिस कारण कभी कभी इन्हें हानि भी उठानी पड़ती है।

लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

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