Surya Grahan 2026 Mantras : ये मंत्र देंगे कई गुना फल

Surya Grahan 2026 Mantras : ये मंत्र देंगे कई गुना फल

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार के दिन दोपहर के समय लगने जा रहा है। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहण की अवधि को आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान मूर्ति स्पर्श वर्जित होता है, लेकिन मानसिक पूजा और मंत्र जाप का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।

सूर्य ग्रहण 2026: मंत्र जाप का महत्व

मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान एकाग्र मन से ईश्वर का ध्यान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कुंडली के दोषों का निवारण होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस सूर्य ग्रहण के दौरान किन-किन मंत्रों का जाप करना आपके लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा:

सूर्य ग्रहण के दौरान प्रभावशाली मंत्र

ग्रहण काल की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मकता में बदलने के लिए इन मंत्रों का जाप अत्यंत प्रभावी माना गया है:

1. सूर्य गायत्री मंत्र (Surya Gayatri Mantra)

ग्रहण की अवधि के दौरान सूर्य गायत्री मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए।
'ओम भास्कराय विद्महे, महातेजाय धीमहि, तन्नो सूर्य प्रचोदयात्'
लाभ: इस मंत्र के जाप से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती हैं।

2. महामृत्युंजय मंत्र (Mahamrityunjaya Mantra)

भगवान शिव को समर्पित यह मंत्र ग्रहण काल में सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है।
'ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।'
लाभ: इसका जाप करने से राहु-केतु के बुरे प्रभाव से बचाव होता है और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

3. सूर्य बीज मंत्र (Surya Beej Mantra)

सूर्यदेव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए बीज मंत्र का जाप सबसे प्रभावी माना गया है।
'ओम ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः'
लाभ: किसी शांत स्थान पर बैठकर श्रद्धापूर्वक इसका जप करने से करियर में उन्नति के नए मार्ग खुलते हैं।

4. राहु और केतु के शांति मंत्र

चूंकि राहु और केतु ही ग्रहण काल के दौरान सूर्य को ग्रसित करते हैं, इसलिए इनके प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए इनके मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए:
  • राहु मंत्र: 'ओम रां राहवे नमः' (108 बार)
  • केतु मंत्र: 'ओम कें केतवे नमः' (108 बार)

5. भगवान विष्णु का अष्टाक्षर मंत्र

विष्णु जी की आराधना मानसिक शांति और संकटों से मुक्ति दिलाती है।
'ओम नमो भगवते वासुदेवाय'
लाभ: ग्रहण काल में मानसिक रूप से इस मंत्र का ध्यान करने से कई गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही आप अपने गुरु मंत्र का जाप भी अवश्य करें।

निष्कर्ष: ग्रहण काल में ध्यान रखने योग्य बातें

सूर्य ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। ऐसे में मंत्रों का सहारा लेकर आप स्वयं को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। ध्यान रहे कि ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान करना न भूलें, क्योंकि यह शुद्धि के लिए अनिवार्य माना गया है।

लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक , वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

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