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मंत्र
आदित्यहृदयम् पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्। जयवहम् जपं नित्यं अक्षयं परमं शिवम्॥
अर्थ: यह दिव्य "आदित्य हृदय स्तोत्र" भगवान सूर्य को समर्पित है। इसके जप से सभी शत्रु नष्ट होते हैं, विजय प्राप्त होती है, भय और चिंता समाप्त होते हैं। यह मन, शरीर और आत्मा में शक्ति, तेज और आत्मविश्वास भरता है तथा जीवन में स्थायी सफलता और उन्नति प्रदान करता है।
ॐ ह्रीं रवये नमः
अर्थ: इस मंत्र के जप से सूर्यदेव की आरोग्यकारी शक्ति प्राप्त होती है। सूर्योदय के समय इसका जप करने से शरीर में रक्तसंचार सुधरता है, रोगों का नाश होता है तथा रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह मनुष्य को आरोग्य और आभा प्रदान करता है।
ॐ हुं सूर्याय नमः
अर्थ: इस मंत्र का जप ब्रह्ममुहूर्त या सूर्योदय से पहले करने से मानसिक तनाव, भय और उदासी दूर होती है। यह मन को स्थिर करता है और जीवन में आत्मशांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
ॐ ह्रां भानवे नमः
अर्थ: इस मंत्र के जप से शरीर में जीवन ऊर्जा (ओजस) का विकास होता है। यह मूत्र संबंधी और पाचन तंत्र की बीमारियों से मुक्ति दिलाता है तथा व्यक्ति को तेजस्वी बनाता है।
ॐ ह्रौं खगाय नमः
अर्थ: इस मंत्र के जप से बुद्धि, विवेक और स्मरणशक्ति में वृद्धि होती है। यह शारीरिक बल, मानसिक स्थिरता और जीवन में उत्साह एवं प्रेरणा बढ़ाता है।
भगवान सूर्य देव समस्त ग्रहों के राजा और जीवन के परम स्रोत हैं। वे प्रकाश, सत्य, शक्ति और आत्मा के प्रतीक माने जाते हैं। वैदिक ज्योतिष में सूर्य "आत्मा" का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा सिंह राशि के स्वामी हैं। उनकी कृपा से व्यक्ति को प्रतिष्ठा, नेतृत्व, सम्मान और प्रसिद्धि प्राप्त होती है।
सूर्य देव की उपासना से आत्मबल, स्वास्थ्य, साहस और सफलता की प्राप्ति होती है। जिनकी जन्म कुंडली में सूर्य बलवान होता है, वे जीवन में प्रगति करते हैं, सरकारी कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं और समाज में आदरणीय बनते हैं। भगवान सूर्य, भगवान हनुमान के गुरु भी माने जाते हैं। सूर्य की उपासना से मनुष्य के भीतर का आलस्य, अंधकार और अज्ञान नष्ट होकर जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।
सूर्य की प्रसन्नता के लिए रविवार को व्रत रखना, लाल या पीले वस्त्र धारण करना, गुड़, गेहूं, तांबे के बर्तन, लाल चंदन या माणिक दान करना शुभ होता है। आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ और जल अर्घ्य अर्पण करने से सूर्यदेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और कुंडली में सूर्य के दोष दूर होते हैं।
