अंक ज्योतिष में जीवन पथ संख्या (Life Path Number) में प्रत्येक व्यक्तित्व का सार पाया जाता है। यह आपको आपके जीवन के उद्देश्य का संकेत देता है। ऑनलाइन सर्वश्रेष्ठ अंकशास्त्री से सलाह लें और जानें कि अंक ज्योतिष आपके बारे में क्या कहता है।
भाग्यांक क्या होता है? (What is Destiny Number in Hindi)
हर एक व्यक्ति के जीवन में तीन महत्वपूर्ण अंक होते हैं - मूलांक, नामांक और भाग्यांक। भाग्यांक व्यक्ति के जीवन में बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति का भाग्यांक शुभ होता है, उस व्यक्ति को अपने सम्पूर्ण जीवन में अपने भाग्य का बहुत साथ मिलता है। मेहनत में कहीं कमी भी रह जाए, तो वह कमी भाग्य पूरी कर देता है और व्यक्ति को सफलता प्रदान करता है। इसीलिए इस अंक को चमत्कारिक अंक माना जाता है।भाग्यांक निकालने की सरल विधि
भाग्यांक निकालने की विधि बहुत आसान है। जन्म तिथि का योग करने पर जो अंक प्राप्त होता है, वही भाग्यांक कहलाता है। एक उदाहरण के माध्यम से समझ लेते हैं। मान लीजिए आपकी जन्म तिथि 15-07-1999 है। अब जन्म तिथि में आए सभी अंकों का योग करते हैं:1 + 5 + 0 + 7 + 1 + 9 + 9 + 9 = 41
जन्म तिथि में आए सभी अंकों का योग करने पर 41 प्राप्त हुआ है जो कि दहाई अंक है। चूंकि भाग्यांक हमेशा एक अंक (इकाई) में होता है, इसलिए 41 संख्या के दोनों अंकों को पुनः जोड़ देंगे:4 + 1 = 5
पुनः जोड़ने पर हमें 5 प्राप्त हुआ जो इकाई अंक है। ऊपर बताई गई जन्म तिथि के लिए यही भाग्यांक भी है।सभी भाग्यांकों के स्वामी व उनके फल
अब हम क्रम से सभी भाग्यांकों के स्वामी व उनके फलों के बारे में जान लेते हैं:भाग्यांक 1: सूर्य देव (Sun)
भाग्यांक 1 के स्वामी सूर्य देव हैं। सूर्य आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। ऐसे जातक जिनका भाग्यांक 1 है, वे अपने आत्मविश्वास से कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करेंगे।भाग्यांक 2: चंद्र देव (Moon)
भाग्यांक 2 के स्वामी चंद्र देव हैं। चंद्र देव हमारे मन के प्रतीक हैं। अपने कार्यक्षेत्र में अपने मन व सामने वाले की भावनाओं का सम्मान करने से आपको अवश्य सफलता मिलेगी।भाग्यांक 3: गुरु देव (Jupiter)
भाग्यांक 3 के स्वामी गुरु देव हैं। गुरु बुद्धि व ज्ञान के प्रतीक हैं। यदि आप बौद्धिक क्षमताओं का सही उपयोग करते हैं तो आप अवश्य सफल होंगे।भाग्यांक 4: राहु देव (Rahu)
भाग्यांक 4 के स्वामी राहु देव हैं। राहु हमारे मन की एकाग्रता के सूचक हैं। भाग्यांक 4 वाले जातक एकाग्रता से कोई कार्य करते हैं तो भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।भाग्यांक 5: बुध देव (Mercury)
भाग्यांक 5 के स्वामी बुध देव हैं। बुध हमारी बुद्धि और वाणी के प्रतीक हैं। बुद्धि व वाणी के सहयोग से जातक अपने कार्यक्षेत्र में बुलंदी छू सकता है।भाग्यांक 6: शुक्र देव (Venus)
भाग्यांक 6 के स्वामी शुक्र देव हैं। शुक्र वैभव व विलास के प्रतीक हैं। कार्यक्षेत्र में अपने ग्राहकों को विशेष महसूस कराने से आप व्यापार में सफल हो सकते हैं।भाग्यांक 7: केतु देव (Ketu)
भाग्यांक 7 के स्वामी केतु हैं। ऐसे जातक अच्छे भाव से निश्छल हो कर कार्य करेंगे तो अवश्य सफल होंगे।भाग्यांक 8: शनि देव (Saturn)
भाग्यांक 8 के स्वामी शनि देव हैं। ऐसे जातकों को कठिन परिश्रम पर ही सफलता मिल सकती है।भाग्यांक 9: मंगल देव (Mars)
भाग्यांक 9 के स्वामी मंगल देव हैं। ऐसे जातकों को मांसाहार का सेवन करने से बचना चाहिए। मंगल देव की कृपा से प्राप्त आत्मविश्वास आपको कार्यक्षेत्र में सफल बनाएगा।यह भी पढ़ें: जन्मकुंडली में सभी ग्रहों की दृष्टि का फल!


