क्या परेशानियां देती है राहु की महादशा, क्या है इसके समाधान?

क्या परेशानियां देती है राहु की महादशा, क्या है इसके समाधान?

क्या परेशानियां देती है राहु की महादशा, क्या है इसके समाधान?

कई लोगों को राहु की महादशा कई बार जीवन के ऐसे समय आती है, जब व्यक्ति 20-50 साल के बीच हो। ऐसे में राहु यदि कुंडली में खराब हो, तो व्यक्ति के जीवन का यह सबसे उत्साही समय सबसे खराब बीतता है। सबसे पहले आपको बताते हैं कि राहु की महादशा के कारण किस-किस तरह की समस्याएँ आती है। ज्योतिष में राहु को नकारात्मक ग्रह माना जाता है और राहु मानसिक चिंता, तनाव, भ्रम और परेशानियां सबकुछ एक साथ ही दे देता है। सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण का कारण भी राहु भी बनता है। राहु की महादशा 18 साल की होती है। हालांकि ये 18 साल पूरी तरह से एक जैसे नहीं होते हैं। अच्छा-बुरा समय चलता रहता है, लेकिन फिर भी इन 18 साल का ज्यादातर समय खराब ही निकलता है। यदि आपके घर सब ठीक चल रहा है, तो ऑफिस में परेशानी आएगी। बिजनेस अच्छा चल रहा है, तो स्वास्थ्य खराब हो जाएगा। इस तरह से कई परेशानियां राहु देता ही रहता है।

राहु की महादशा देती है मानसिक तनाव और चिंता

राहु की महादशा में, व्यक्ति को मानसिक अस्थिरता का अनुभव हो सकता है। यह अवधि चिंता और अवसाद से भरी हो सकती है, जिससे व्यक्ति का मन हमेशा बेचैन रहता है। जातक को अपने प्रियजनों के साथ भी लगातार विवाद होते रहते हैं। इससे पारिवारिक संबंधों में तनाव बढ़ता है। मानसिक तनाव के कारण व्यक्ति अक्सर निर्णय लेने में असमर्थ हो जाता है, जिससे उसकी प्रगति रुक सकती है।

पारिवारिक विवाद

राहु की महादशा के दौरान पारिवारिक विवाद भी आम हो जाते हैं। व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों के साथ अक्सर मतभेदों का सामना करता है। यह स्थिति न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि पारिवारिक संबंधों को भी कमजोर कर देती है। ऐसे में व्यक्ति को अपने परिवार के सदस्यों के साथ संवाद करने में कठिनाई हो सकती है, जिससे और भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

राहु के कारण नौकरी और बिजनेस में परेशानी

इस अवधि में पेशेवर जीवन में भी कई बाधाएं आती हैं। जातक को अपने कार्य में सहयोग की कमी महसूस होती है, और कई बार उसकी मेहनत का फल भी नहीं मिलता। नौकरी या व्यापार में नुकसान की संभावना बढ़ जाती है, जिससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है। इस प्रकार, राहु की महादशा में सबसे ज्यादा मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और पेशेवर जीवन में बाधाएं देखने को मिलती हैं। इसलिए, इस अवधि के दौरान सावधानी बरतना और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उचित उपाय और ध्यान से इस कठिनाई को कम किया जा सकता है।

राहु की महादशा के साधारण उपाय

  1.  भगवान भैरव की उपासना करें।
  2.  दुर्गा सप्तशती के जाप करें या करवाएं।
  3.  भगवान भैरव के सामने तिल के तेल का दीपक जलाएं।
  4.  जरूरतमंद को दो रंग का कंबल दान करें।
  5.  पक्षियों के लिए पानी और दाने का प्रबंध करें।
  6.  ससुरालपक्ष के लोगों से विवाद ना करें।
  7.  किचन में बैठकर खाना खाएं।
  8.  माता सरस्वती के मंत्रों का जितना हो सकें जाप करें।
  9.  जल्दबाजी में कभी निर्णय ना लें।
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लेखक के बारे में: टीम त्रिलोक

त्रिलोक, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक अध्ययनों के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts) की एक टीम है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के समन्वय पर केंद्रित, त्रिलोक टीम ग्रहों के प्रभाव, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सनातन धर्म की परंपराओं पर गहन और शोध-आधारित जानकारी प्रदान करती है।

प्रामाणिकता के प्रति समर्पित, इस टीम में प्रमाणित ज्योतिषी और वैदिक विद्वान शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक लेख शास्त्र-सम्मत और तथ्यपरक हो। सटीक राशिफल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक पर्वों की विस्तृत जानकारी चाहने वाले पाठकों के लिए त्रिलोक एक विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत है।

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